Halloween party ideas 2015

क्यों चटकती है हड्डियाँ ?

उँगलियाँ चटकाते हैं तो हो जाएँ सावधान !



                                                            कसरत करने के दौरान या अंगड़ाई लेते समय कई बार हड्डियों के जोड़ों के चटकने की आवाज आती है, इसके अलावा कुछ लोगों को उंगलियाँ चटकाने की भी आदत होती है। आइए जाने हड्डियों के चटकने पर आवाज क्यों आती है। 
                                                            दरअसल हड्डियों के जोड़ों के चटकने के दो अलग-अलग कारण हैं। जब उंगलियाँ चटकाई जाती है, तब वे लगभग अपनी सीमा तक मोड़ दी जाती है। उंगलियों के जोड़ के आसपास द्रव पदार्थ भरा होता है, जिसमें वायु मिश्रित होती है। जब हम जाने-अनजाने में उंगलियाँ चटकाते हैं तो यह वायु बुलबुलों के रूप में द्रव पदार्थ से अलग होती है। इन्हीं बुलबुलों के कारण आवाज पैदा होती है, जिसे हम उंगलियाँ चटकना कहते हैं।
                                                          जब तक यह वायु दोबारा द्रव पदार्थ में घुलमिल नहीं जाती, तब तक फिर से उंगलियाँ चटकाने पर आवाज नहीं आ सकती। दूसरी ओर शरीर को ऐंठने, मोड़ने या अंगड़ाई लेने से हड्डियों के चटकने की आवाज आती है उसका कारण वे ऊतक हैं, जो मांसपेशियों और हड्डियों के बीच में रहते हैं। जब इन पर तनाव पड़ता है तो ये अपने स्थान से हट जाते हैं और इसी कारण से आवाज पैदा होती है, जिसे हम हड्डियाँ चटकना कहते हैं। इसकी पुनरावृत्ति का कोई निश्चित समय नहीं होता है, अर्थात कुछ लोगों में यह उसी समय दोबारा भी हो सकता है, कुछ के साथ नहीं भी हो सकता है।
उँगलियाँ चटकाते हैं तो हो जाएँ सावधान 
                                                           अक्सर कुछ लोग खाली बैठे बैठे या काम में लगे होने के बाद भी उंगलियों को चटकाते रहते हैं या गर्दन घुमाकर चटकाते हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा ऐसा करना काफी नुकसानदायक होता है। इससे गठिया (arthritis) रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। बार-बार उंगलियां चटकाने से जोड़ों के बीच का द्रव कम हो जाता है, जिससे जोड़ों की पकड़ कमजोर होने लगती है। साथ ही हड्डियों के जोड़ पर मौजूद ऊतक भी नष्ट हो जाते हैं, जो गठिया रोग का कारण बन सकता है।
➤ उमेश कुमार 

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बारिश पर चुनिंदा हृदयस्पर्शी शेरो-शायरी 
Best Collection of Heart Touching Shayari in Hindi



                                     शेरो-शायरी का अंदाज सचमुच निराला है। यह अंतरमन की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। शेरो-शायरी के माध्यम से शायर गागर में सागर भर देता है। मैंने आपके लिए लोकप्रिय शायरों की हजारों शेरों में से बारिश पर  कुछ चुनिंदा हृदयस्पर्शी शेरों को संग्रहित किया है। ये सभी ऐसे पुष्प हैं जो निश्चित रुप से आपके मन की बगिया को महका जाएंगी।   -- धन्यवाद


याद आई वो पहली बारिश
जब तुझे एक नज़र देखा था
नासिर काज़मी



उसने बारिश में भी खिड़की खोल के देखा नहीं
भीगने वालों को कल क्या-क्या परेशानी हुई।
➤ जमाल एहसानी


मैं कि कागज की एक कश्ती हूँ
पहली बारिश ही आखिरी है मुझे
➤ तहज़ीब हाफी

'कैफ़' परदेस में मत याद करोअपना मकाँ
अब के बारिश ने उसे तोड़ गिराया होगा
  कैफ़ भोपाली


दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था
इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था
➤ क़तील शिफ़ाई

बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने
किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है
➤ निदा फ़ाज़ली



किसने भीगी हुई जुल्फों से ये झटका पानी 
झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी 
➤ आरजू लखनवी 




दिल में है लगी आग तो आँखों में है आंसू 
बरसात से जलता हुआ घर देख रहा हूँ 
  सुखनवर हुसैन 



घनघोर घटाएं हैं आसार है बारिश के 
निकलो न अभी घर से कागज का बदन लेकर 
➤ मोहसिन अली सुहैल 

मैं चुप कराता हूँ हर शब उमडती बारिश को
मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है
 गुलज़ार

भीगी मिट्टी की महक प्यास बढ़ा देती है
दर्द बरसात की बूँदों में बसा करता है
  मरग़ूब अली

टूट पड़ती थीं घटाएँ जिन की आँखें देख कर
वो भरी बरसात में तरसे हैं पानी के लिए
  सज्जाद बाक़र रिज़वी

➡प्रस्तुति : उमेश कुमार 

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कहीं आप  वजन कम करने के लिए गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर तो नहीं पी रहे हैं !



                                       उचित जानकारी के अभाव में या विभिन्न माध्यमों से मिलने वाले स्वास्थ्य संबंधी भ्रामक जानकारियों के चलते कभी-कभी हम ऐसी चीजों का गलत तरीके से सेवन करते रहते हैं जो हमारे स्वास्थ्य को लाभ के बजाय नुकसान पहुँचाते रहते हैं।
शहद विकारग्रस्त हो जाता है                                     
                                      जैसा कि लोग वजन कम करने के लिए सुबह खाली पेट गुनगुने गर्म पानी में शहद और नींबू का रस मिलाकर पीते हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सही है ? जी नहीं, आयुर्वेद के अनुसार शहद को किसी भी गर्म द्रव्य या पदार्थ के साथ सेवन करना वर्जित है क्योंकि ऊष्णता के संपर्क में आने से शहद विकार ग्रस्त हो जाता है और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है। कुछ मामलों में यह विष का काम करता है।
वैज्ञानिकों ने भी माना
                                  वैज्ञानिक रिसर्च से भी यह बात सामने आई है कि शहद को गर्म किया जाय तो उसका स्पेसिफिक ग्रेविटी कम हो जाता है साथ ही उसमें कुछ रासायनिक बदलाव भी आते हैं, जो स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।
प्राकृतिक रूप करें सेवन                                  
                                      इसलिए शहद को प्राकृतिक यानि कच्चे रूप में लेना ही स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है, प्राकृतिक रूप में इसका एंटी इंफ्लैमटारी और एंटी बैक्टिरियल गुण भरपूर मात्रा में मिल जाता है।
तो क्या किया जाय                                  
                                      आप ठंडे पानी में शहद और नींबू का रस मिलाकर पी सकते है। गर्म पानी में सिर्फ नींबू निचोड़ कर पिएं।

 ➤ उमेश कुमार 

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