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MahaShivRatri Special Article in Hindi 
क्यों की जाती है शिवलिंग की पूजा
Kyon Ki Jati Hai Shivling ki Puja



                                 भारतीय सभ्यता में शिव की उपस्थिति अति प्राचीन है। आदि काल से मनुष्य शिवलिंग की। पूजा करते आ रहे हैं। क्या आप जानते हैं केवल शिव ही निराकार लिंग के रूप में क्यों पूजे जाते हैं।
                                देवाधिदेव भगवान शिव मूर्ति एवं लिंग दोनों रूपों में पूजे जाते हैं। पुराणों के अनुसार दोनों ही रूप में महादेव की पूजा पूर्णत: फलदायी है, लेकिन शिवलिंग को साक्षात् शिव का रूप माना गया है। भारतवर्ष में बारह ज्योतिर्लिंग है, मान्यता है की इनकी उत्पत्ति स्वयं हुई। इन ज्योतिर्लिंगों में भी शिव की पूजा लिंग रूप में की जाती है।
शिवलिंग की उत्पत्ति की अलग-अलग मान्यताएं व कथाएं हैं - 



                                शिवपुराण के अनुसार ब्रह्मा और विष्णु के बीच विवाद छिड़ गया कि कौन अधिक श्रेष्ठ है। भगवान शिव ने इस विवाद को सुलझाने के लिए एक विशाल दिव्य लिंग प्रकट किया, जिससे दिव्य आभा निकल रही थी। उसी समय आकाशवाणी हुई कि दोनों में से जो भी इस लिंग का आदि और अंत बताएगा वह अधिक श्रेष्ठ होगा। लिंग का आदि और अंत ढूंढ़ते हुए ब्रह्मा और विष्णु को शिव के परब्रह्म स्वरूप का ज्ञान हुआ। तब से भगवान शिव को परब्रह्म मानते हुए उनके प्रतीक रूप में लिंग की पूजा प्रारंभ हुई।
                                 एक अन्य कथा के अनुसार देवता और दानवों के बीच हमेशा युद्ध चलता रहता था। देवता हमेशा पराजित हो जाते थे, इसके निदान के लिए वे ब्रह्मा के पास गए। ब्रह्मा ने भगवान शिव से देवताओं की पराजय का कारण पूछा। शिवजी ने बताया कि दानव मेरे लिंग की पूजा पूरे श्रद्धा, विश्वास और समर्पण की भावना से करते हैं जबकि देवता मेरे लिंग की पूजा नहीं करते, जिसके कारण देवताओं की बार-बार पराजय होती है। इसके बाद से देवताओं ने भी शिवलिंग की पूजा प्रारंभ कर दी और उनकी शक्ति बढ़ती गई। इस तरह शिवलिंग पूजन की परंपरा चल पड़ी।
                                                                                                     -- उमेश कुमार

वेलेंटाइन डे  विशेष 
प्रेमराग : प्रेम पर मेरी दस कविता

Valentine Day Special 
PREM RAAG : MY LOVE POEM IN HINDI



1. प्रेम पंखुरी
" किसी फूल की
पंखुरी पर टिमटिमाते
ओस कण जैसा
होता है प्रेम...
जाने किस तपन से
उड़ जाए ये
वाष्प बन...
या
हल्की ठोकर पा
मिल जाए
मिट्टी में..."

2. प्रेम पहेली
'प्रेम'
एक पहेली...
जिसने सुलझाया
व्यक्त न कर पाया...
जो उलझा
मौके ढूंढ़ते रहता है
व्यक्त करने के...

3. अँधा प्रेम
अँधा प्रेम
लोग कहते हैं...
'प्रेम अँधा होता है'
...लेकिन
प्रेम अंधा नहीं होता
क्योंकि
जहां प्रेम अंधा होता है
वहां
प्रेम नहीं होता...

4. नजरिया
'प्रेम'
...अपने आप में
किसी और को
देख पाना...।

5. प्रेम की कीमत
बेच देना
अपना संपूर्ण जीवन
नि:शुल्क।

6. प्रेम पीत
प्रेम...
बसंत की
नर्म पीली धूप
और
ढ़ेर सी
पीली तितलियों का
रंग लेकर
अदृश्य बयार में
पीलापन भरना...।

7. प्रेम की भाषा
" सुबह की लालिमा
सीखती है
हर रोज
ढ़ेर सारी भाषाएं
राजनीति की
प्रेम की
ज्ञान की
विज्ञान की...
दोपहरी तक
हो जाती है वो
पारंगत
हर भाषा में...
लेकिन
शाम तक
वो भूल जाती है
हर भाषा...
उसे तो याद रहता है
सिर्फ
प्रेम की भाषा
और उसकी
लालिमा...।"

8. मिट्टी
प्रेम...
मिट्टी का
मिट्टी को
पाने के लिए
जद्दोजहद...
आखिर
मिट्टी का
मिट्टी में मिल जाना...।

9. प्रेम सुवास
यादों के झरोखों से
कुछ चिर-परिचित
खुशबुओं का आना
और
महका जाना
हृदय के
उस कोने को
जहां
अतीत के फूल
हमेशा ताजा
रहते हैं...।

10. प्रेमानुभूति
प्रेम...
मंदाकिनी से उतरती
रोशनी के निर्झर में
सवार...
हजारों आकाशगंगाओं की
दूरी तय कर
जीवन के बीज को
अंकुरित कर
सौंप देना
एक अनुभूति को
पीढ़ी दर पीढ़ी
अंतहीन समय के लिए...।



महान शायरों की प्रेम शायरी
वेलेंटाइन डे विशेष : प्रेम पर हृदयस्पर्शी शेर-ओ-शायरी

प्रेम पर दिल छू लेने वाला लेख/कविता  
Prem pr Heart Touching Lekh/Hindi Kavita

हिन्दी कविता - प्रेम 
Hindi Kavita - Prem


Heart Touching article on LOVE 


प्रेम गीत 
LOVE  Poems 


Heart Touching LOVE STORY in Hindi
हिन्दी की प्रेम कहानियां 

Heart Touching Love Shayari's 

Best Collection Of LOVE Sher O Shayri
प्रेम, प्यार,  मुहब्बत पर बेहतरीन शायरी संग्रह  

Valentine Day 2018 - Best ROMANTIC LOVE HINDI SHAYARI 
आपके वेलेंटाइन के लिए प्यार भरे चुनिंदा हिन्दी शायरी 

Happy Valentine Day Best Wishes Shayari, SMS, Images, Quotes, Songs, Poems, Wallpapers
हैप्पी वेलेंटाइन डे शुभकामना संदेश हिंदी शायरी मैसेज फोटो अनमोल वचन  गीत  कविता वॉलपेपर 



जीवन में जब प्रेम दस्तक देता है तो एक जादुई छुअन, एक आंतरिक आनंद की अनुभूति से समूचा अस्तित्व सराबोर हो उठता है। प्रेममयी हृदय की धड़कनों का हर स्पंदन एक पूरी सृष्टी रचता है, अनुभूतियों की, भावनाओं की, ख्वाबों की, ख्यालों की, विरह की, मिलन की...। प्रेम मन के मौसम पर सुर्ख मेंहदी सी एक नाजुक अमिट अनुभूति रचा जाती है। प्रेम का विस्तार अनंत है...। सबके लिए इसकी अपनी-अपनी परिभाषाएं व अभिव्यक्तियां है।
आइए, इन्हीं अभिव्यक्तियों को महान शायरों की नजर से अंतर्मन में उतारने का प्रयास करते हैं। ये अल्फ़ाज प्रेम की अमिट अनमोल धरोहर हैं। आशा करता हूं ये चुनिंदा पुष्प आपके हृदय की गहराइयों में उतरकर आपको प्रेम के मधुर अहसास व यादों की खुशबू से महका जाएगा।

तुम मुझे भूल भी जाओ तो यह हक है तुमको
मेरी बात और है मैंने तो मुहब्बत की है

                          -- साहिर लुधियानवी


मिट चले मेरी उमीदों की तरह हर्फ़ मगर
आज तक तेरे ख़तों से तिरी खुशबू न गई
                             -- अख्तर शीरानी


पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा हाल हमारा जाने है
जाने न जाने गुल ही न जाने, बाग़ तो सारा जाने है
-- मीर तकी 'मीर'


अब के बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें
-- अहमद फ़राज़


इश्क़ पर ज़ोर नहीं, है ये वो आतिश ग़ालिब                   
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने                     
-- मिर्ज़ा ग़ालिब


तुम पास नहीं हो तो अजब हाल है दिल का
यूं जैसे मैं कुछ रख के कहीं भूल गई हूं
-- अदा जाफ़री

तुम से छूट कर भी तुम्हें भलना आसान न था                 
तुम को ही याद किया तुम को भूलाने के लिए                
-- निदा फ़ाजली


आवाज दी है तुमने के धड़का है दिल मेरा,         
कुछ खास फर्क तो नहीं दोनों सदाओं में।           
-- क़तील शिफ़ाई


हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, 
वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता।
-- अकबर इलाहाबादी


मैंने तो यूं ही राख में फेरी थी उंगलियां                               
देखा जो गौर से तेरी तस्वीर बन गई                             
-- सलीम बेताब


जिसको तुम भूल गये, याद करे कौन उसको
जिसको तुम याद हो, वो और किसे याद करे
-- जोश मलीहाबादी


हर आन में हर बात में हर ढ़ंग में पहचान
आशिक है तो दिलबर को को हर-इक रंग में पहचान
-- नजीर अकबराबादी


हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं                
उम्र बीत जाती है दिल को दिल बनाने में                     
-- बशीर बद्र


 मुहब्बत में नहीं है फर्क जीने और मरने का,
उसी को देखकर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले।
-- मिर्जा ग़ालिब


मुझे सहल हो गईं मंजिले      
                           वो हवा के रुख़ भी बदल गए,                               
                  तेरा हाथ, हाथ में आ गया कि                      
     चिराग़ राह में जल गए।               
-- मजरुह सुल्तानपुरी



 मोहब्बत एक खुशबू है हमेशा साथ रहती है             
कोई इंसान तन्हाई में भी कभी तन्हां नहीं रहता          
  - - बशीर बद्र


जिसकी दूरी में ये लज्जत है कि बेताब है दिल,
आ गये वो जो कहीं पास तो फिर क्या होगा।
-- शायर लखनवी
















संराग 

"... यह ऋतु कहता है, मन को प्रकृति की डोर से बांधो और उड़ा दो संभावनाओं के विस्तृत आकाश में..."


                                         धरती पर एक बार फिर वसंत उतर आया है। 'वसंत' जो खिलखिला रहा है पेड़ों, पत्तों, फूलों, रास्तों, हवाओं में...सर्वत्र...। उसकी मधुर मुस्कान एक अनकही भावाभिव्यक्ति लिए सुबह की नर्म पीली धूप से लेकर शाम के गुलाबी तक निर्दोष बिखरी पड़ी है। ऐसा लगता है मानों 'धरती वसंत की कविता' बन गई हो।
                                         मौसम और मन का बड़ा गहरा नाता है। वसंत जब आंखों से होकर मन में उतरता है तब मन में उमंग-उल्लास, प्रेम के सुप्त बीज अंकुरित हो उठते हैं। किसी ने कहा है, जब प्रकृति ने उम्मीद रचा, तब प्रेम रचा और वसंत भी रची।
                                         वसंत से ही मन में गति और प्रकृति में सृजन का गीत उपजता है। यह ऋतु कहता है, मन को प्रकृति की डोर से बांधो और उड़ा दो संभावनाओं के विस्तृत आकाश में। पतझड़ के सूनेपन के बाद वसंत अपने अनन्यतम रूप से जीवन में जीवनीशक्ति का संचार करता है। यह पुनर्नवा की भांति जीवन में आता है और एकरसता समाप्त कर उदास व वीरान पलों में स्वर्णिम सम्मोहन भर जाता है
                                         लेकिन वसंत कहां टिक पाता है? जीवन में प्रेम, उमंग-उत्साह भरकर उसे विदा होना पड़ता है। पतझड़-वसंत, आना-जाना, मिलना-बिछड़ना, सुख- दुःख जीवन का अनवरत क्रम है। इस क्रम के सम्मोहन में ही जीवन रूपी गाड़ी मजे से चलती है। जो भी हो प्रतीक्षा के मायावी पलों का जो आनंद है वह निश्चित रूप से आने वाले वसंत में दुगुना होकर ही मिलेगा।

संराग   के वीडियोस "सफलता सूत्र" के यूट्यूब चैनल पर देखें - 
बसंत ऋतु पर दिल छू लेने वाला लेख/कविता  Basant Ritu pr Heart Touching Lekh/Hindi Kavita

https://youtu.be/9zmClUr4HY8