हंसी है रोगों की 'अचूक दवा'   
                                              


                                       हंसी का हमारे जीवन में बड़ा महत्व है। यह कई रोगों की अचूक दवा है शारीरिक और मानसिक दोनों की। हंसी विहीन जीवन नीरस और विविध रोगों का घर होता है। आज की भागदौड़ भरी व्यस्त जिंदगी में तनाव और चिंताएं दिनोंदिन बढ़ती जा रही है ऐसे में हंसी एक बड़ी औषधि का काम करती है। हंसने और ठहाके लगाने से शरीर में एर्डोफिन हार्मोन का उत्सर्जन होता है जो शरीर में सक्रियता, स्फूर्ति एवं प्रसन्नता जगाती है। हमेशा प्रसन्नचित्त रहने और दिल खोलकर हंसने से शरीर में रक्त संचार तीव्र हो जाता है, फेफड़ों में भरपूर प्राणवायु पहुंचती है। यदि मनुष्य दिन भर में 40 मिनट खुलकर हंस ले तो अनेक रोग स्वत: समाप्त हो जाये। चिकित्सा की सबसे सरल, सस्ती, सुविधाजनक एवं प्रभावी युक्ति हंसी से बढ़कर कुछ भी नहीं।                                      
                                        हंसने से कई हर्मोन एवं पाचक एंजाइम का स्राव होता है, जिससे हृदय रोग, सिरदर्द, उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से निबटने में मदद मिलती है। खिलखिलाकर हंसने से वक्ष, पेट, फेफड़ों और लीवर की अच्छी कसरत हो जाती है। हंसने से शरीर की श्वेत रक्त कोशिकाओं, टी-कोशिकाओं और शरीर की सुरक्षा संबंधी सभी हिस्सों की शक्ति बढ़ती है। हंसने से मुंह की लार में एंटीबॉडीज बनते हैं जो बीमारियों से हमारी रक्षा करते हैं। टीबी जैसे खतरनाक रोग भी खुलकर हंसने से ठीक हो जाता है। हंसने से कोशिकाओं का निर्माण तेजी से होता है और शरीर में ऊर्जा लेवल भी बढ़ता है। स्पांडीलाइटिस, आर्थराइटिस आदि रोगों में भी हंसी दर्द कम करने में मददगार साबित होती है।                                                                                   मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी हंसी एक अहम कारक है, जो बिल्कुल मुफ्त पाई जा सकती है। तनाव, उदासी, अनिद्रा की रामबाण औषधि है हंसी। स्ट्रेस हार्मोंस कार्टिसोल व स्पाईनपराइन का स्तर भी हंसने से कम होता है। इसलिए जब भी तनाव में हों तो जी भर के हंसिए और फर्क महसूस कीजिए। नवीनतम शोधों में पाया गया है कि 10 मिनट की हंसी रक्तचाप को 10-20 अंक कम कर देती है। हंसने का एक फायदा हमारे सौंदर्य से भी जुड़ा है। हमेशा खुश रहने वाले के चेहरे पर कभी झुर्रियां नहीं पड़ती और चेहरा नए तेज के साथ दमकता रहता है। जिन परिवारों  में हंसी-ख़ुशी का माहौल बना रहता है वहां सदा खुशहाली छाई रहती है जिससे उनमें एकता बनी रहती है।                                        
                                           मार्क ट्वेन के अनुसार - 'मानव जाति के पास सही अर्थों में एक ही अस्त्र है और वह है हंसी।' कितनी बड़ी विडम्बना है कि तनाव के उपचार के लिए करोड़ों रूपये दवाइयों पर फूंक दिए जाते हैं, लेकिन जो सबके पास है मुफ्त का इलाज हंसी उस पर ध्यान नहीं जाती।                                      शायर जफर गोरखपुरी का एक शेर है -
हद से अधिक संजीदगी, सच पूछो तो रोग,
आगा पीछा सोचते, बूढ़े हो गये लोग।                               
                                              सचमुच जो व्यक्ति दिन भर गंभीर और नीरस बने रहते हैं, वे स्वयं तो दुखी और बीमार रहते हैं दूसरों के उत्साह को भी ठंडा कर देते हैं। हंसी के लाभ अनेक हैं इसलिए दिन भर में हंसने के लिए समय अवश्य निकालें। हंसमुख लोगों से मिलें, चुटकुले व हास्य कथाएं पढ़ें। हास्य कार्यक्रमों में भाग लें। हंसने का कोई मौका न छोड़िए। यह जीवन को खुशनुमा और उमंग-उल्लास से परिपूर्ण बनाने वाली चमत्कारिक जादुई छड़ी है। तो खूब हंसे और हंसाएं।
-- उमेश कुमार