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हिंदी टाइपिंग
सोशल मिडिया में हिंदी अत्यधिक प्रचलन में है, परंतु देवनागरी हिंदी का उपयोग बहुत कम हो रहा है और रोमन में हिंदी (हिंग्रेजी) का अत्यधिक चलन है। दरअसल, हिंदी टाइपिंग से अनभिज्ञ लोगों की यह भ्रामक धारणा होती है कि कंप्यूटर पर हिंदी टाइप करना बहुत कठिन काम है तथा हिंदी टाइपिंग के लिए किसी विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है, परंतु यह आवश्यक नहीं है। वास्तविकता में कंप्यूटर पर देवनागरी टाइपिंग की कई उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं, फिर भी लोग अपठनीय और उबाऊ रोमन हिंदी का ही उपयोग कर रहें हैं जोकि बहुत अजीब बात है।
वर्तमान में कंप्यूटर पर यूनिकोड के अत्यधिक प्रचलन के कारण हिंदी टाइपिंग हेतु कई फोनेटिक टूल्स उपलब्ध हैं। इन फोनेटिक टूल्स की सहायता से केवल अंग्रेज़ी या रोमन लिपि में टाइपिंग का ज्ञान होने पर भी देवनागरी लिपि में टाइपिंग किया जा सकता है। इन फोनेटिक टूल्स की विशेषता यह है कि यदि आप अंग्रेज़ी या रोमन लिपि में लिखेंगे तो वह अपने आप हिंदी/देवनागरी लिपि में परिवर्तित हो जाएगा। इसके बहुत से विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें माइक्रोसॉफ्ट तथा गूगल के टूल बहुत अधिक प्रचलन में हैं। इन दोनों टूलों के मुफ्त संस्करण को आप इंटरनेट से डाउनलोड कर सकते हैं। ये दोनों आर्टीफ़िशियल इंटेलिजेंट युक्त टूल हैं। आप इन दोनों टूलों को ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरीके से प्रयोग कर सकते हैं। माइक्रोसॉफ्ट तथा गूगल के टूलों की मुख्य विशेषता यह है कि इससे रोमन में टाइप करने पर शब्द स्वत: देवनागरी लिपि में परिवर्तित हो जाते हैं। ये टूल उपयोग करने में इतने आसान हैं कि प्रयोक्ता को ‘वह’ टाइप करने के लिए ‘wh’ ही टाइप करना पड़ता है। ये टूल्स आर्टीफ़िशियल इंटेलिजेंट युक्त हैं, जो उपयुक्त शब्द स्वयं चुन लेते हैं। मेरे ख्याल से नियमित प्रयोग के लिए ये दोनों ही टूल उपयुक्त हैं।
गूगल आधारित एक नि:शुल्क सुविधा यह भी है कि आप एक आसान तरीके से अपने दस्तावेज़ को बोलकर टाइप कर सकते हैं। गूगल की यह सुविधा जिसे ‘गूगल वाइस टाइपिंग’ कहते हैं, माइक्रोफोन युक्त कंप्यूटर तथा मोबाइल फोन दोनों में ही प्रयोग में लाई जा सकती है। कंप्यूटर में इस टूल के उपयोग के लिए आपके कंप्यूटर में क्रोम ब्राउज़र इनस्टॉल होना चाहिए। एंड्राइड आधारित मोबाइल फोन में इस टूल के उपयोग के लिए आपको प्ले स्टोर में जाकर ‘गूगल इंडिक कीबोर्ड’ डाउनलोड करके इनस्टॉल करना होगा। सामान्य गति और स्पष्ट रूप से बोलकर आप इस टूल की मदद से फेसबुक, ट्वीटर, ई-मेल, ब्लॉग, गूगल डॉक्स आदि पर शुद्ध देवनागरी में वाइस टाइपिंग कर सकते हैं।
राजभाषा विभाग, भारत सरकार ने भी एक श्रुतलेखन (स्पीच टू टैक्स्ट टूल) निर्मित किया है। यह टूल राजभाषा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। श्रुतलेखन टूल/सॉफ्टवेयर की विशेषता यह है कि जब प्रयोक्ता माइक्रोफोन में बोलता है, तब कंप्यूटर में उपस्थित ‘स्पीच टू टैक्स्ट प्रोग्राम’ उसे प्रोसैस कर पाठ्य/टैक्स्ट में बदलकर टाइप कर देता है। इसका भी उपयोग बेहद आसान है।
हिंदी टाइपिंग की इतनी सरल युक्तियाँ मौजूद होने के कारण अब हमे यह बात मन से निकाल देनी चाहिए कि हिंदी टाइपिंग कठिन है, तथा देवनागरी/हिंदी में टाइपिंग के लिए किसी विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
-- साभार : विज्ञान विश्व 

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