Halloween party ideas 2015

पर्व विशेष : दीपावली      
DIWALI ARTICLE IN HINDI 


शुभ संकल्पों का उजास बिखेरें 
दीपावली कुविचारों और दुर्भावों को तिलांजलि देकर नवसंकल्प लेने का पर्व है। अंतर्मन में सदविचारों, सुकर्मों का दीप सदा दैदीप्यमान रहे ऐसी कामना हर जन में होनी चाहिए। आइए इस दीपपर्व पर हम दिखावे से दूर, सादगी से परंपराओं का निर्वाह करते हुए नवसंकल्पों का दीप प्रज्वलित कर दीपावली के शुभ संदेशों को जीवन में उतारें और पर्व को सार्थक बनाएं।     
बुराइयों का सफाया करें
दीपावली के आगमन के साथ प्रारंभ होता है घर-आंगन की साफ-सफाई । सभी चाहते हैं कि उनका घर व आसपास गंदगी मुक्त हो जाए, लेकिन कितना अच्छा हो यदि हम इस गंदगी के साथ ही अपनी मानसिक गंदगी का भी सफाया करें, यानि मन में व्याप्त नकारात्मक विचार, संकुचित दृष्टिकोण, निजी स्वार्थ, आलस्य, उन्माद, आक्रोश, अहंकार, घृणा, द्वेष, लालच आदि दुर्भावों को निकाल फेंके। इनकी जगह सकारात्मक सोच, नवीन रचनात्मकता, धैर्य, विवेक, साहस, प्रेम, सौहार्द्र, दया, करुणा आदि सद्भावों को जीवन में शामिल करें, तो निश्चित रूप से व्यक्तित्व तो निखरेगा ही सफलता का ऐसा उजास फैलेगा कि हर दिन दीपावली होगी।            
उचित और न्यायपूर्ण तरीके से धन कमाएं   
दुनिया में आज धन को ही सब कुछ मान लिया गया है। तमाम सुख-सुविधा, आराम के पीछे धन का हाथ है। धन के बिना जीवन की गाड़ी नहीं चल सकती। लेकिन यदि धन ही सब कुछ होता तो दुनिया में सबसे ज्यादा सुखी धनवान ही होते जबकि ऐसा है नहीं। धन-संपन्न बनिए, लेकिन निरंतर आवश्यक व उचित प्रयत्न करके। अनुचित और अन्यायपूर्ण तरीके से कभी धन प्राप्त करने का प्रयास नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा धन टिकाऊ और शुभ फल देने वाली नहीं होती।               
एक दीप इनके लिए भी जलाएं 
हमारे आसपास न जाने ऐसे कितने लोग हैं जिनका अपना कोई नहीं, जो अभावग्रस्त हैं, जिनके जीवन में अँधेरा है गरीबी और अशिक्षा का। क्या हमारा दायित्व नहीं बनता कि हम उनके जीवन को खुशियों की रोशनी से आलोकित करें। दीपपर्व पर अपने बजट के अनुरूप गरीब बच्चों को मिठाइयां, फल, कपड़े व किताबें आदि खरीदकर जरूर दें। अनाथ आश्रम एवं वृद्धाश्रम जाकर उनकी जरूरत की चीजें भेंट करें। अपनों के लिए तो सब करते हैं लेकिन औरों को देने का आनंद ही अलग है। जब आप इस प्रकाशोत्सव के मौके पर इनके चेहरे पर मुस्कुराहट देखेंगे, तब आपकी खुशियां भी दोगुनी हो जाएंगी।                             
उजास की आराधना करें, संघर्ष की साधना करें      
जीवन में कई बार ऐसी विषम परिस्थितियां आती हैं, जब सर्वत्र अँधेरे का साम्राज्य नजर आता है, कोई रास्ता सुझाई नहीं देता, जिंदगी अवसाद, निराशा, डर, नकारात्मकता के गहन अंधियारे में खोने लगता है, ऐसे में अपने भीतर नवीन आशाओं के दीप जलाएं, सकारात्मक सोच व अँधेरे से लड़ने का आत्मबल विकसित करें। दृढ़ संकल्पित हो दीप की भांति उजास की आराधना करें, संघर्ष की साधना करें। लौ की तरह ऊँचाई की ओर जाने का लक्ष्य रखें यही हमारी प्रगति और उजाले की ओर बढ़ने का आधार है।      
-- उमेश कुमार साहू 

DIWALI SHOPPING 

           
                                         बड़ों से लेकर बच्चे जिस त्योहार का बेसब्री से प्रतीक्षा करते हैं उस पर्व दीपावली के आने में अब गिनती के दिन शेष हैं। दीपावली को यदि खरीदारी का त्योहार कहा जाय तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। घर की साफ-सफाई, रंग-रोगन से लेकर आभूषण एवं गृहस्थी की अन्य वस्तुएं जैसे टी.वी., फ्रिज, वाशिंग मशीन, सोफा,  ए.सी. आदि खरीदने के लिए अधिकांश लोग दीपावली की प्रतीक्षा करते हैं।   
                 
-- बजट बनाकर करें खरीदारी  
दीपावली पर खरीदारी का महत्व तो है ही, लेकिन कई बार झूठी शान, दिखावे, प्रतिस्पर्धा तथा लुभावने विज्ञापन के चलते बजट नियंत्रण के बाहर हो जाता है। ऐसा करके जहां त्योहार का उत्साह फीका पड़ जाता है वहीं यह बिगड़ा हुआ बजट साल भर संतुलित होने का नाम नहीं लेता। यदि थोड़ी सूझबूझ से काम लिया जाए और निर्धारित बजट बनाकर उसके अनुरूप खरीदारी की जाए तो दीपावली के बाद भी घर में उजियारा कम न होगा।    
            
-- जब फाइनेंस कराएं  
आज पूरा बाजार फाइनेंस पर टिका हुआ ही। कुछ रूपये दो और हजारों-लाखों का सामान घर ले जाओ। Finance कराते समय कंपनी के बारे में सभी जानकारी जुटा लें। ब्याज दर, मासिक किश्तें, सर्विस टैक्स आदि की पूरी जानकारी लें। फाइनेंस कराने से पहले दो-तीन कंपनियों की ब्याज दरें या मासिक किश्तों के बारे में जानकारी लें, जहां पर यह कम हो वहां से फाइनेंस कराएं। यदि एक से अधिक वस्तुओं का फाइनेंस करा रहे हैं तो मासिक किश्तें चुकाने के बारे में अच्छे से सोच लें कहीं किश्तों के चक्कर में मासिक बजट बिगड़ न जाएं।              
-- विशेष छूट से सावधान 
दीपावली के अवसर पर लुभावने ऑफर्स के साथ 'छूट' की बाढ़ सी आ जाती है, लेकिन छूट के आकर्षण में फंसकर अनावश्यक खरीदारी करना कतई हितकर नहीं। छूट Discount  में छिपे लूट को गहराई से समझें। किसी वस्तु की कीमत बढ़ाकर उसमें छूट दे रही कंपनियों से बचकर रहें। ऑफर्स पर ध्यान न देकर उत्पाद की क्वालिटी पर ध्यान दें।  

हिंदी टाइपिंग
सोशल मिडिया में हिंदी अत्यधिक प्रचलन में है, परंतु देवनागरी हिंदी का उपयोग बहुत कम हो रहा है और रोमन में हिंदी (हिंग्रेजी) का अत्यधिक चलन है। दरअसल, हिंदी टाइपिंग से अनभिज्ञ लोगों की यह भ्रामक धारणा होती है कि कंप्यूटर पर हिंदी टाइप करना बहुत कठिन काम है तथा हिंदी टाइपिंग के लिए किसी विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है, परंतु यह आवश्यक नहीं है। वास्तविकता में कंप्यूटर पर देवनागरी टाइपिंग की कई उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं, फिर भी लोग अपठनीय और उबाऊ रोमन हिंदी का ही उपयोग कर रहें हैं जोकि बहुत अजीब बात है।
वर्तमान में कंप्यूटर पर यूनिकोड के अत्यधिक प्रचलन के कारण हिंदी टाइपिंग हेतु कई फोनेटिक टूल्स उपलब्ध हैं। इन फोनेटिक टूल्स की सहायता से केवल अंग्रेज़ी या रोमन लिपि में टाइपिंग का ज्ञान होने पर भी देवनागरी लिपि में टाइपिंग किया जा सकता है। इन फोनेटिक टूल्स की विशेषता यह है कि यदि आप अंग्रेज़ी या रोमन लिपि में लिखेंगे तो वह अपने आप हिंदी/देवनागरी लिपि में परिवर्तित हो जाएगा। इसके बहुत से विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें माइक्रोसॉफ्ट तथा गूगल के टूल बहुत अधिक प्रचलन में हैं। इन दोनों टूलों के मुफ्त संस्करण को आप इंटरनेट से डाउनलोड कर सकते हैं। ये दोनों आर्टीफ़िशियल इंटेलिजेंट युक्त टूल हैं। आप इन दोनों टूलों को ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरीके से प्रयोग कर सकते हैं। माइक्रोसॉफ्ट तथा गूगल के टूलों की मुख्य विशेषता यह है कि इससे रोमन में टाइप करने पर शब्द स्वत: देवनागरी लिपि में परिवर्तित हो जाते हैं। ये टूल उपयोग करने में इतने आसान हैं कि प्रयोक्ता को ‘वह’ टाइप करने के लिए ‘wh’ ही टाइप करना पड़ता है। ये टूल्स आर्टीफ़िशियल इंटेलिजेंट युक्त हैं, जो उपयुक्त शब्द स्वयं चुन लेते हैं। मेरे ख्याल से नियमित प्रयोग के लिए ये दोनों ही टूल उपयुक्त हैं।
गूगल आधारित एक नि:शुल्क सुविधा यह भी है कि आप एक आसान तरीके से अपने दस्तावेज़ को बोलकर टाइप कर सकते हैं। गूगल की यह सुविधा जिसे ‘गूगल वाइस टाइपिंग’ कहते हैं, माइक्रोफोन युक्त कंप्यूटर तथा मोबाइल फोन दोनों में ही प्रयोग में लाई जा सकती है। कंप्यूटर में इस टूल के उपयोग के लिए आपके कंप्यूटर में क्रोम ब्राउज़र इनस्टॉल होना चाहिए। एंड्राइड आधारित मोबाइल फोन में इस टूल के उपयोग के लिए आपको प्ले स्टोर में जाकर ‘गूगल इंडिक कीबोर्ड’ डाउनलोड करके इनस्टॉल करना होगा। सामान्य गति और स्पष्ट रूप से बोलकर आप इस टूल की मदद से फेसबुक, ट्वीटर, ई-मेल, ब्लॉग, गूगल डॉक्स आदि पर शुद्ध देवनागरी में वाइस टाइपिंग कर सकते हैं।
राजभाषा विभाग, भारत सरकार ने भी एक श्रुतलेखन (स्पीच टू टैक्स्ट टूल) निर्मित किया है। यह टूल राजभाषा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। श्रुतलेखन टूल/सॉफ्टवेयर की विशेषता यह है कि जब प्रयोक्ता माइक्रोफोन में बोलता है, तब कंप्यूटर में उपस्थित ‘स्पीच टू टैक्स्ट प्रोग्राम’ उसे प्रोसैस कर पाठ्य/टैक्स्ट में बदलकर टाइप कर देता है। इसका भी उपयोग बेहद आसान है।
हिंदी टाइपिंग की इतनी सरल युक्तियाँ मौजूद होने के कारण अब हमे यह बात मन से निकाल देनी चाहिए कि हिंदी टाइपिंग कठिन है, तथा देवनागरी/हिंदी में टाइपिंग के लिए किसी विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
-- साभार : विज्ञान विश्व 

DUSSEHRA ARTICLE IN HINDI
विजयादशमी की हार्दिक शुभ कामनाएं  


आतंक के रावण से मुक्ति की आवश्यकता 

          समय के प्रवाह में जाने कितनी सदियां बह गई, लेकिन बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य यानि रावण पर राम की विजय का महापर्व आज भी हमारे समाज में पूरी श्रद्धा और आकर्षण के साथ रचा-बसा है। भगवान राम ने सच्चाई और साहस के बल पर असत्य, पाखंड और दुराचार के रावण का विनाश किया था। यह कालजयी घटना हमारी आत्मा की गहराइयों में आज भी जीवित है।
                   विजयादशमी आत्मबल प्राप्त करने का पर्व है, आत्मबल से विजय अवश्यंभावी है। आत्मबल के लिए शक्ति का साथ आवश्यक है और उपासना एवं शारीरिक दृष्टि से पुष्ट होने के लिए शरद ऋतु महत्वपूर्ण है। शरद ऋतु के शुक्ल पक्ष की यह दशमी विजय का उल्लास लेकर हमारे जीवन में उतरती है। राम की विजय और शक्ति साधना पूरी होने की तिथि एक ही है। राम ने नवरात्रि में शक्ति की आराधना की तब जाकर दसवें दिन रावण का संहार कर सके। जब कल्याण असत्य के पक्ष में हो जाएगा तो सत्य और शक्ति के सामने उसे झुकना ही पड़ेगा। जीवन में दुष्प्रवृत्तियों के विनाश के लिए सत्य को शक्ति की आराधना करनी होगी।
                   विजयादशमी आसुरी और राक्षसी प्रवृत्तियों से लड़कर इसे समाप्त करके मानवता को इससे मुक्ति दिलाने का पर्व है। संसार में जब भी आसुरी प्रवृत्तियों ने सिर उठाया देर सबेर उसका सर्वनाश ही हुआ है। आज का सबसे भयानक रावण आतंकवाद मानव जाति पर फिर कहर ढा रही है। इस रावण के कई सिर हैं। लेकिन हमारा गौरवशाली इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब भी आतंकवाद ने किसी भी रूप में सिर उठाया है, निश्चित रूप से उसका अंत हुआ है। बुराइयों का अंत अवश्यंभावी है। जब सत्य अपनी पूरी शक्ति के साथ प्रकट होता है, तो असत्य की सारी रुकावटें ध्वस्त हो जाती हैं। 
--उमेश कुमार साहू 

  • ज्ञान विज्ञान प्रतियोगिता 4 

    मित्रों 'सफलता सूत्र' आपके लिए लेकर आया है, हिन्दी की पहली 'ज्ञान विज्ञान प्रतियोगिता'। यहां आप पाएंगे ज्ञान और उपहार का खजाना। यह प्रतियोगिता प्रारंभ करने का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रभाषा हिन्दी का सम्मान व आप सभी का ज्ञान अभिवर्धन करना है। यह प्रतियोगिता उन सभी प्रतिभाशाली मित्रों को प्रोत्साहित करने के लिए है जो इंटरनेट पर समय का सदुपयोग करते हुए अपने ज्ञानकोश में वृद्धि व उपहार प्राप्त करना चाहते हैं।

    ज्ञान विज्ञान प्रतियोगिता में शामिल होने संबंधी विस्तृत जानकारी व नियम-शर्तें :-
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     इस प्रतियोगिता के अंतर्गत विविध विषयों से चुने हुए 10 प्रश्न पूछे जायेंगे, जो वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice) के रुप में होंगे।
    -- प्रश्नों के उत्तर भेजने के लिए नीचे दिए गए फॉर्म को भरकर अपना सही उत्तर पर टिक लगाकर सबमिट कर दें.
    -- फॉर्म में अपना नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर व ईमेल आई डी अवश्य लिखें। विजेता घोषित होने पर सिर्फ आपका नाम व राज्य का नाम प्रकाशित किया जाएगा, पूरा पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आई. डी. नहीं। यानी आपकी प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
    -- इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए किसी भी प्रतिभागी से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा यह पूरी तरह निःशुल्क है। उपहार के लिए भी कोई राशि नहीं देना होगा।
    -- ज्ञान विज्ञान प्रतियोगिता पाक्षिक यानि महीने में दो बार आयोजित की जाएगी। महीने की 1 तारीख और 15 तारीख को।
    -- सभी 10 प्रश्नों के सही हल भेजने वाले प्रतिभागी ही उपहार के ड्रा के लिए चयनित होंगे।
    -- 1 तारीख वाले प्रतियोगिता का सही हल व विजेताओं के नाम 14 तारीख को व 15 तारीख वाले का 30 तारीख को 'सफलता सूत्र.कॉम' में प्रकाशित किया जाएगा।
    -- विजेताओं के नाम प्रकाशित होने के 5 दिनों के भीतर उनका मोबाइल रिचार्ज कर दिया जाएगा.
    -- एक भी सही उत्तर प्राप्त नहीं होने की स्थिति में प्रतियोगिता की समयावधि आगे 15 दिन के लिए बढ़ा दी जाएगी।
    --1 तारीख को पूछे गये प्रश्नों का उत्तर 13 तारीख शाम तक एवं 15 तारीख वाले का सही हल 29 तारीख शाम तक भेज दें।
    -- एक प्रतियोगिता में 10 से अधिक प्रतिभागी का सही हल मिलने की स्थिति में विजेताओं का चयन ड्रा द्वारा किया जाएगा।
    -- उपहार (मोबाइल रिचार्ज) दस विजेताओं को प्रदान किया जाएगा, जिसका चयन ड्रा द्वारा होगा।

    उपहारों का विवरण :-

    प्रथम उपहार     -   50/- का मोबाइल रिचार्ज
    द्वितीय उपहार -   50/- का मोबाइल रिचार्ज
    तृतीय उपहार    -   50/- का मोबाइल रिचार्ज
    चौथा उपहार     -   20/- का मोबाइल रिचार्ज
    पांचवां उपहार   -   20/- का मोबाइल रिचार्ज
    छठवां उपहार    -   20/- का मोबाइल रिचार्ज
    सातवां उपहार   -   10/- का मोबाइल रिचार्ज
    आठवां उपहार   -  10/- का मोबाइल रिचार्ज
    नौवां उपहार     -   10/- का मोबाइल रिचार्ज
    दसवां उपहार    -  10/- का मोबाइल रिचार्ज

    नोट :- ज्ञान विज्ञान प्रतियोगिता संबंधी जानकारी नियमित रुप से मिलती रहे इसके लिए 'सफलता सूत्र.कॉम' को अपने ईमेल से सब्सक्राइब अवश्य करें या निम्न सोशल साइट्स के माध्यम से हमसे जुड़ें




    तो लीजिये प्रस्तुत है 'ज्ञान विज्ञान प्रतियोगिता क्रमांक - 4  के 10 प्रश्न :-

  • ज्ञान विज्ञान प्रतियोगिता 4 (1-15  अक्टूबर 2016)

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  • 1. दुनिया का सबसे बड़ा जू (चिड़ियाघर) किस देश में है?
     A. आस्ट्रेलिया   D. दक्षिण अफ्रीका
  • 2. इंसान ने सबसे पहले किस धातु का उपयोग किया था?
       C. पीतल D. तांबा
  • 3. योगेशवर दत्त किस खेल से संबंधित है?
     B. कुश्ती  D. क्रिकेट
  • 4. क्रिकेट खेल की शुरुआत किस देश में हुई?
    A. आस्ट्रेलिया   D. ब्राज़ील
  • इनमें से कौन सी कम्प्यूटर लेंग्वेज नहीं है?
      C. JAVA D. PHP
  • 6. 'प्रयाग' किस शहर का पुराना नाम है ?
    A. पटनाB. अजमेर  D. बनारस
  • 7. मुंशी प्रेमचन्द की प्रसिद्ध कहानी 'ईदगाह' में हामिद की दादी का क्या नाम था?
      B. सलमा  D. रूबीना
  • 8. पृथ्वी अपने स्थान पर किस दिशा में घूमती है?
     A. पश्चिम से पूर्व  C. दक्षिण से उत्तरD. पूर्व से पश्चिम
  • 9. वायु मंडल में नाइट्रोजन का प्रतिशत कितना है?
        
  • 10. कारों, ट्रकों एवं बसों में ड्राइवर की सीट के बगल में कौन सा दर्पण लगा होता है ?
      B. अवतल दर्पण  D. इनमें से कोई नहीं
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