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International Yoga Day : 
इन 10 क्रियाओं का अपने जीवन में योग करें और सदा स्वस्थ रहने का द्वार खोलें।


                                            योग का अर्थ है जोड़। वैसे तो योग को अनेक परिभाषाओं से परिभाषित किया गया है। इसके कुछ आध्यात्मिक पहलू हैं तो कुछ मानसिक व शारीरिक। ज्यादा गहराई में न जाते हुए आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी के लिए प्रस्तुत हैं कुछ प्रभावी टिप्स, जिन्हें अपनाकर आप अपना शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अक्षुण्ण बनाए रख सकते हैं।
आइये इन 10 क्रियाओं का अपने जीवन में योग करें और सदा स्वस्थ रहने का द्वार खोलें।

1. सुबह जल्दी उठें - कभी आपने सूर्योदय के सूर्य को निहारा है, गुलाबी आकाश की सुंदरता को मन में उतारा है। पंछियों के कलरव में छुपी संगीत को सुना है। यदि नहीं तो ऐसा करें तन-मन में उमंग का संचार पहले दिन से ही होना शुरू हो जाएगा।

2. उषापान करें - रात को किसी तांबे के पात्र में पानी कुचालक स्थान पर रखें। सुबह अपनी क्षमतानुसार इस जल का सेवन करें। जल सेवन करते समय याद रखें अपना शरीर जमीन से स्पर्श न हो। 10 मिनट इस अवस्था में रहने के बाद यदि शौच लगे तो चले जाएं या थोड़ा टहलें। इस क्रिया के फायदे आपको एक हफ्ते में दिखने लगेगा। पेट संबंधी विकार जैसे गैस, एसीडीटी,कब्ज,सिरदर्द व मुंहासे आदि में आशातीत लाभ मिलने लगेगी।

3. प्रात: भ्रमण करें - जब सूर्योदय हो रहा हो तब प्रात: भ्रमण करें। साफ, स्वच्छ, पेड़ पौधों, फूलों से आच्छादित प्राकृतिक वातावरण में प्रात: भ्रमण करें। भ्रमण करते समय न किसी से बात करें न ही ध्यान कहीं और लगाएं। गहरी-गहरी सांस लेते हुए जल्दी जल्दी चलें। ध्यान सांसों के आने जाने पर लगायें। कल्पना करें वातावरण में व्याप्त दिव्य शक्ति का संचार मेरे तन मन में हो रहा है और दुर्विकारों का शमन हो रहा है। लाभ आप पहले ही दिन से अनुभव करना शुरू कर देंगे।

4. आहार में योग -  स्वास्थ्य के 3 स्तंभ बताये गये हैं - आहार, निद्रा और ब्रम्हचर्य। कहा गया है जैसा खाय अन्न वैसा होय मन। हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में आहार यानि खान पान का बहुत बड़ा योगदान है। हमेशा ताजा व सुपाच्य भोजन लें। दो भोजन के बीच में 6 घंटे का अंतराल जरुर दें। गरिष्ट व तेज मिर्च मसालेदार खाने से बचें। भोजन खूब चबा-चबा कर करें। एक बार बहुत ज्यादा आहार ग्रहण न करें। रात में हल्का भोजन लें। रात का भोजन सोने के 2 घंटे पहले कर लें।

5. जीवन में संगीत का योग करें - संगीत के बिना जीवन की कल्पना नीरस है। मधुर संगीत जहां हमारे तन-मन में नव उमंग व उल्लास का संचार कर देती है, वहीं शारीरिक व मानसिक रोगों में भी संगीत अत्यंत लाभप्रद है। दिन में जब भी समय मिले मधुर संगीत की स्वर लहरियों में अवश्य डूबें, निश्चित रूप से आप जीवन में उमंग उल्लास का संचार महसूस करेंगे।

6. नवीनता का योग करें - जग-जीवन परिवर्तनशील है, इस परिवर्तनशीलता में नवीनता सन्निहित है और नवीनता में जीवन की गति। परिवर्तन को सहजता से स्वीकारें। हमेशा कुछ नया करने को प्रयासरत रहें। याद रखें जो समय के साथ नहीं चलता उसकी स्थिति ठहरे हुए पानी के समान हो जाती है।

7. रचनात्मकता जोड़ें - जीवन में किसी न किसी प्रकार से अपनी रचनात्मकता को जरुर जोड़ें। हर व्यक्ति किसी न किसी रूप से रचनाकार जरुर होता है। लेखन, गायन, पेंटिंग, मूर्तिकला ऐसे न जाने कितने रचनात्मक कार्य हैं जो आपको संतुष्टि के साथ साथ स्वास्थ्य व आय का जरिया  प्रदान कर सकता है।

8. संघर्ष का योग - संघर्ष और सफलता का चोली-दामन का साथ है। हमें संघर्ष से जी चुराना नहीं चाहिए, प्रतिकूल परिस्थितियों से भागना नहीं चाहिए। हम जैसा संघर्ष करते हैं हमारी दशा, परिस्थितियाँ और भाग्य उसी के अनुसार बनते हैं। जीवन में संघर्ष का योग करें और देखें चमत्कार

9. प्रकृति संग सामंजस्य का रिश्ता जोड़े - आप जितना प्रकृति के निकट होंगे हर दृष्टिकोण से अपने आप को स्वस्थ, संतुष्ट व सुखी पाएंगे। प्रकृति के सामीप्य में वो जादू है जो किसी धन दौलत से खरीदी नहीं जा सकती।

10. नींद का योग - आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में अनिद्रा बड़ी बीमारी बनकर उभरी है। अनिद्रा अपने साथ अनेक बीमारियाँ लेकर आती है। सुखद नींद के लिए रात में जल्दी सोने का आदत डालें। सोते समय समस्त चिंताओं को भूल जाएं। आज बिताए सुखद पलों को याद कर सोएं। सोने का स्थान कोलाहल मुक्त, शुद्ध हवादार व साफ सुथरी रखें। किसी आध्यात्मिक पुस्तक का अध्ययन कर बिस्तर में जाएं।

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