Halloween party ideas 2015

गर्मियों में स्वास्थ्य रक्षक उपाय


                                                            ग्रीष्म ऋतु अपने चरम पर है। गर्म हवा के थपेड़ों ने घर से निकलना दूभर कर रखा है। ऐसे में आहार-विहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बीमारियों को आमंत्रित करने के लिए काफी है।
                                                      आइए जानें गर्मी के दिनों में किए जाने वाले स्वास्थ्य रक्षक उपायों के बारे में -
-- ग्रीष्म ऋतु में प्रात: जल्दी उठें। शौचादि से निवृत्त होकर प्रात: भरमण के लिए जरूर जाएं। प्राणायाम, योगासन, कसरत करें।
-- इन दिनों प्यासे नहीं रहें। दिन भर में हर घण्टे 1-1 गिलास ठंडा पानी पीते रहें। घर से बाहर निकलना हो तो 1 गिलास ठंडा पानी पीकर निकलें, इससे लू नहीं लगेगी।
-- सुबह अपनी क्षमतानुसार ठंडा पानी पीकर शौच जाएं, इससे कब्ज से मुक्ति मिलती है साथ ही पेट संबंधी अन्य विकार दूर होते हैं।
-- तेज धूप से घर में या ठंडी जगह में आएं तो तुरंत ठंडा पानी या शीतल पेय पीने से बचें। कुछ देर रुककर शरीर को सामान्य होने के बाद ही ठंड पानी पिएं।
-- फ्रिज का बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने के बजाय मटके या सुराही का पानी पीना ज्यादा अच्छा रहता है। फ्रिज का ठंडा पानी गले, दांतों, आमाशय व आंतों के लिए नुकसानदायक होता है।
-- तेज धूप में घर से बाहर निकलना हो तो सिर को टोपी या तौलिया से अच्छी तरह ढककर ही निकले। इससे धूप से सिर का बचाव होता है और लू नहीं लगती।
-- गर्मी के दिनों में तेज मिर्च मसालेदार, तले-भुने हुए, अचार, खट्टे व डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें। सलाद अधिक खाएं।
-- इन दिनों रात्रि का भोजन हल्का व सुपाच्य करना चाहिए। गर्मी के कारण पाचन शक्ति कमजोर होने से यदि रात में अधिक व गरिष्ट भोजन किया जाय तो कब्ज, अपच, गैस ट्रबल और हाइपर एसिडिटी की शिकायत हो सकती है।
-- इस ऋतु में पका मीठा लाल तरबूज, संतरा, केला, अंगूर मीठा आम, ककड़ी, नींबू की मीठी शिकंजी, पोदीना, प्याज, जलजीरा, बेल का शर्बत, ठंडाई, मीठा दही, लस्सी, गन्ने का रस, आम का पना आदि का सेवन अवश्य करें। ये सभी बहुत लाभप्रद है।
-- गर्मी के दिनों में हल्के रंग के खादी या कॉटन के कपड़े पहने। यह गर्मी में शीतलता का अहसास कराते हैं।

Post a Comment