Halloween party ideas 2015

स्तंभ : एक कविता का वादा है तुमसे
Holi ke Geet in Hindi
Holi Kavita in Hindi


होली गीत : होली की हिलोर
उल्लास लिए आई होली,
उठ रही उमंगित नव हिलोर।
तन-मन रस-रंग में भीग रहा,
यादें कर रही हैं भाव-विभोर।
जीवन की हर शाखाओं पर,
स्नेह-प्रेम के सुमन खिले।
मस्ती से सनी व्याकुलता है,
आनंदित मन खुशियों में मिले।
हैं भाव उपजते और मिटते,
जीवन-पथ में क्षण-नित्यप्रति।
सीमाएं भी सिमित इनकी,
सिमटी-सिकुड़ी सी रहे गति।
पर होली में लेता हिलोर,
स्नेह-प्रेम-मस्ती सागर।
जिसकी हर लहर के छूने से,
सब भाव मिटे ठोकर खाकर।
होली की उमंगे और बढ़े,
विकसित हो प्रेम की नवशक्ति।
उद्देश्य मिले इस जीवन का,
पाकर हिलोर की नव भक्ति।
                           --उमेश कुमार

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