Halloween party ideas 2015

दिवस विशेष : SWAMI VIVEKANAND JAYANTI 
राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जयंती  (12 जनवरी) पर विशेष :


युवा दिवस के अवसर पर युवाओं के लिए सफलता के 10 स्वर्णिम सूत्र -


-- सफलता के बारे में सोचें - आपका सोच आपके भविष्य की आधारशिला है। आप वही बनेंगे, जो आप स्वयं के बारे में सोचते है। अत: स्वयं को श्रेष्ठ, शक्तिशाली होने आदि की भावना से परिपूर्ण रखें।
-- समय के साथ चलें - जो समय के साथ चलता है, समय सदैव उसके अनुसार चलता है। समय को हमेशा नियोजित करें। प्राथमिकता के अनुरूप समय निर्धारित करें।
-- अवसरों पर नजर रखें - आपकी सफलता व विकास इस बात पर निर्भर करता है कि आप इससे संबंधित अवसरों पर नजर रखते हैं। अवसर मिलते ही बेहतर स्थिति के लिए छलांग लगाने से न चुके।
-- निरंतर प्रयासरत रहें - प्रयास विफल होते हैं, मनुष्य नहीं, और निरंतर प्रयासरत व्यक्ति ही सफलता की ऊँचाइयों को छू सकता है। आज की प्रतिस्पर्धा के दौर में किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना अति आवश्यक है।
-- सफलता के लिए संघर्ष जरूरी - संघर्ष यानि विषम परिस्थितियों से जी-जान लगाकर जूझना। हमें संघर्ष से घबराना या जी नहीं चुराना चाहिए, क्योंकि संघर्ष ही सफलता का स्रोत है। हम जैसा संघर्ष करते हैं, हमारी दशा, परिस्थितियाँ और भाग्य उसी के अनुसार बनते हैं।
-- संयम से सफलता - आज अनुशासनहीनता और असंयमित आचरण असफलता का कारण सिद्ध हो रहा है, इसलिए संयमित रहना जरूरी है। याद रखें सफल वही होते हैं जो प्रतिकूल परिस्थितियों में भी कभी असंयमित नहीं होते।
-- जीवन को तनावमुक्त रखें - आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनावजनित बीमारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। तनाव का दुष्प्रभाव सीधे हमारे कामकाज और व्यवहार पर पड़ता है, जिससे नकारात्मकता बढ़ती है। तनाव से बचने के लिए अपने आचार-विचार और आहार-विहार संतुलित रखें। सफलता के लिए यह आवश्यक है।
-- सकारात्मक सोच सफलता की सीढ़ी - जीवन में छोटी- बड़ी समस्याओं से घिरे होने पर सकारात्मक सोच ही हिम्मत देता है और सफलता के लिए यह सोच जरूरी है। किसी भी परिस्थिति में सकारात्मक सोच सफलता की राह में ऊर्जावान बनाए रखती है।
-- सफलता चाहिए तो व्यवस्थित बनें - अस्त-व्यस्त जीवन या अस्त- व्यस्त वस्तुएं हमारी एकाग्रचितत्ता एवं सफलता को बाधित करती है। व्यवस्थित होकर आप जीवन की हर उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।
-- सीखने की जिज्ञासा - जानना- सीखना कभी अपने काम- काज तक सीमित नहीं होना चाहिए। जहां भी सीखने का अवसर मिले जिज्ञासु भाव से इसका लाभ अवश्य लें। हर नई सीख सफलता की सीढ़ी है।



Post a Comment