Halloween party ideas 2015

दिवस विशेष  : " नववर्ष की अगणित शुभ कामनाएं "




                                                       जागिए, नववर्ष की पहली नव प्रभात मुबारक हो। यह वर्ष आपके लिए, आपके परिवार के लिए सुख-समृद्धि, खुशियां और शांति लेकर आए। यूं तो नववर्ष की सुबह अन्य सुबह जैसा ही है। हम वही, हमारा परिवार, समाज, देश वही, और हमारी दिनचर्या वही। लेकिन नववर्ष आगमन का नवीन अहसास और नवीन ताजगी इसे बहुत विशेष बना देता है। यह अनुभूति इतना उमंग और ऊर्जा से भरा कि हर व्यक्ति इसे नए अवसर के रूप में देखता है। हमें लगता है अपने जीवन और दिनचर्या को नए सिरे से आरंभ करने का एक और सुअवसर मिल गया है। कुछ बुरी आदतों को छोड़ने एवं अच्छी व नई आदतों को जीवन से जोड़ने का नववर्ष से अच्छा अवसर भला और क्या होगा। 
                                     आइए नए साल की पहली सुबह एक ताजगी भरी अहसास के साथ प्रेरणा लें नवीनता, सकारात्मकता और रचनात्मकता को जीवन के क्षण-क्षण से जोड़ने की। साथ ही संकल्प लें अपने निर्धारित लक्ष्यों को पाने के लिए सार्थक प्रयास का, अपने जीवन के हर दुर्भाव व नकारात्मकता को निकाल फेंकने का।



दिवस विशेष : नववर्ष
आइए, नवीन संकल्पों का उत्सव मनाएं -


                                           नवीनता यानि नवसृजन के प्रति जिज्ञासा भला किसे नहीं होती ! यदि यह बात नववर्ष के प्रति हो तो इसमें जिज्ञासा के साथ आने वाले नवीन पलों की सुखद अनुभूति भी होती है, क्योंकि विगत वर्ष की स्वर्णिम स्मृतियों का जहां खट्टा-मीठा साथ होता है वहीं भावी पलों को सहेजने- संवारने का रोमांच भी।
                                          नववर्ष न केवल नये साल की शुरुआत है, बल्कि नव विचारों, नव योजनाओं, नव सपनों के अंकुरण का भी सुअवसर है। हर व्यक्ति नववर्ष को जीवन में नए अवसर के रूप में देखता है। हमें लगता है जीवन को नए सिरे से शुरू करने का एक और मौका मिल गया है। आइए इस नववर्ष में कुछ संकल्प लें स्वयं के लिए, समाज के लिए, देश के लिए, धरती के लिए, ताकि जीवन में मिला यह सुअवसर हमारे और दुनिया के लिए एक अविस्मरणीय खुशनुमा उपहार बन जाए।
                                               संकल्प स्वयं के लिए करें तो सबसे पहला संकल्प हो अपने स्वास्थ्य के प्रति। 'प्रथम सुख निरोगी काया', स्वस्थ तन-मन के बदौलत ही दुनिया की हर उपलब्धि हासिल की जा सकती है, इसलिए अपना आहार-विहार, आचार-विचार हमेशा संतुलित-संयमित रखें। यदि आपको धुम्रपान, शराब या अन्य नशीले चीजों का आदत है तो संकल्प लें कि इस वर्ष इसे तिलांजलि देंगे।
                                               ईश्वर ने हम सभी को कुछ न कुछ खास गुण व हुनर देकर इस धरती पर भेजा है, आवश्यकता है अपने अंदर छुपे हुनर को पहचानने की और इसका भरपूर उपयोग कर दुनिया को कुछ कर दिखाने की। याद रखें, हम सभी के जीवन में रचनात्मकता के लिए अपार सम्भावनाएं हैं। अपनी पसंदीदा क्षेत्र चुने और पूरी लगन के साथ इस राह में आगे बढ़ जाएं, सफलता सुनिश्चित है। 
                                              एक संकल्प यह भी लें कि हम सकारात्मक सोच के मालिक बनेंगे क्योंकि विचारों की सकारात्मकता हमारे लिए सफलता का हर द्वार खोल देती है।
आज हमारे भीतर की स्थिरता कम हो चली है। छोटी-छोटी बातों पर क्रोध, उत्तेजना व अन्य दुर्विकार हम पर हावी होने लगे हैं। संकल्प लें अनुशासन व सद्गुणों को अपनाकर अपने जीवन की नींव मजबूत करने का।
                                                 समाज के लिए संकल्प में गरीब व अनाथ बच्चों की हर संभव मदद करें।यदि आप समर्थ हैं तो इनकी पढ़ाई-लिखाई आदि का खर्च उठाएं। समाज के अभावग्रस्त लोगों की जहाँ तक बन पड़े निस्वार्थ सहायता करे, इनके खाने-पीने, पहनने-ओढ़ने, रहने आदि का प्रबंध करें। इन्हें कोई रोजगार देकर भी इनका जीवन स्तर उठाने में योगदान दे सकते हैं। 
                                                 एक संकल्प एक मात्र जीवनदायी ग्रह हमारी धरती के लिए भी लें। आज हमारी धरती का स्वास्थ्य दिनोंदिन खराब होते जा रहा है यह हमारे भविष्य के लिए बुरी खबर है। हम सभी यह पवित्र संकल्प लें की धरती के हित में और पर्यावरण के संरक्षण में अपना हर संभव योगदान देंगे। सप्ताह में एक दिन मोटर-गाड़ी की जगह साइकिल का इस्तेमाल करें। एक दिन के लिए ए.सी. का मोह त्यागें। घर, ऑफिस व सार्वजनिक स्थलों में बिजली व पानी की बर्बादी रोकें। अधिक से अधिक पेड़ लगाएं एवं पेड़ों की रक्षा करें। निश्चित रूप से यदि आप इन संकल्पों पर अमल करेंगे तो हमारा जीवन और हमारी धरती स्वर्ग बन जाएगी।







                                 ईसाई मतावलंबियों का सबसे बड़ा पर्व है क्रिसमस। प्रभु ईसा मसीह के जन्म का उल्लास इस धर्म के मानने वालों के चेहरे पर जितना झलकता है, उससे कहीं ज्यादा उत्साह इस पवित्र धार्मिक पर्व को मनाने के तौर-तरीकों में दिखाई पड़ता है। घरों की सुंदर सजावट, क्रिसमस ट्री और रोशनी से झिलमिलाता वह सितारा जो प्रभु ईसा मसीह के उपदेशों पर चलने की सभी को प्रेरणा देता है।
                               वर्तमान में क्रिसमस महज एक धार्मिक पर्व न रहकर एक महत्वपूर्ण व्यापारिक अवसर में बदल गया है। क्रिसमस मनाने वाले लोग इसकी तैयारियां शुरू करें, उससे महीनों पहले से व्यापारिक दुनिया में तैयारियां होने लगती हैं। कपड़ों और फैशन एक्सेसरिज निर्माता कंपनियां क्रिसमस पर कई नई रेंज लांच करती हैं, और गिफ्ट आइटम बनाने वाली कम्पनियां महीनों पहले अपना उत्पादन बढ़ा देती हैं, ताकि समय पर माल खुदरा व्यापारियों तक पहुंच सके।
क्रिसमस मनाने वाले भी हफ्तों पहले से इस पवित्र पर्व के सुअवसर पर खर्च का बजट व रुपरेखा बनाना शुरू कर देते हैं।
                             प्रस्तुत है, क्रिसमस के अवसर पर सबसे अधिक खर्च किये जाने वाले चीजों की सूची -
-- क्रिसमस ट्री एवं झांकी -
क्रिसमस ट्री के बिना क्रिसमस अधूरी है, यह इस त्यौहार की जान है।क्रिसमस ट्री पर कई लोग हजारों रूपये तक खर्च कर देते हैं।
-- घर की साज-सज्जा -
घरों की साफ सफाई से लेकर रंगाई-पुताई एवं फर्नीचर आदि की मरम्मत या खरीदारी क्रिसमस के काफी पहले शुरू हो जाती है।
-- केक एवं बेकरी उत्पाद -
यह क्रिसमस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रतिवर्ष अरबों रूपये केक एवं बेकरी उत्पादों पर खर्च किये जाते हैं।
क्रिसमस डिनर एवं वाइन - अधिकांश घरों में डिनर क्रिसमस का अनिवार्य हिस्सा होती है।
-- क्रिसमस गिफ्ट -
क्रिसमस के मौके पर गिफ्ट की बात न हो तो क्रिसमस अधूरी है। इस अवसर पर सबसे अधिक खर्च गिफ्ट पर ही होता है। क्रिसमस के अवसर पर ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की संख्या कई गुनी अधिक रहती है।




                       भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDI) की तरफ से अब ऑनलाइन और ऑफलाइन के माध्यम से आधार कार्ड के विवरण में सुधार और परिवर्तन किया जा सकता है। साथ ही लोगों की शिकायत दूर करने के लिए नि: शुल्क हेल्पलाइन नंबर 1947 शुरू की गई है।

ऐसे करें अपने आधार कार्ड में सुधार - 

ऑनलाइन प्रक्रिया - जिन्हें अपने आधार कार्ड में सुधार करवाना है, सबसे पहले निम्न वेबसाइट पर जाएं-
https://resident.uidai.net.in
इसमें लॉगिन करके करेक्शन लिंक में क्लिक करें।
यहां पर आधार कार्ड में दिए गए विवरण नाम, पता, जन्मतिथि एवं फ़ोन नंबर संबंधी जो सुधार या परिवर्तन कराना चाहते हैं उसे सुधार सकते हैं।
सुधार किए जाने वाले विवरण का प्रमाण- पत्र की एक कॉपी भी अटैच करना होगा।
ऑफलाइन प्रक्रिया - इस प्रक्रिया में आधार कार्ड में सुधार करवाने वाले को निम्न वेबसाइट पर जाकर आवेदन डाउनलोड करना होगा-
https://uidai.gov.in/images/application_form111020112
इस फॉर्म में अपनी जानकारी सही सही भरें। मोबाइल नंबर अवश्य डालें।
आवेदन भरने के बाद आवेदन में अपना हस्ताक्षर करें। इसे लिफाफे में भरकर निम्न पते पर भेज दें-
यूआईडीआई, डाक पेटी संख्या 99, बंजारा हिल्स, हैदराबाद, 500034
या 

यूआईडीआई, डाक पेटी संख्या 10, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश 480001



योग रोगों से बचने का नि:शुल्क और सबसे बेहतर उपाय है। योग हर परिस्थिति में हमारे शरीर को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है लेकिन योग करने से पहले कुछ ध्यान देने योग्य बातें हैं। योग कैसे करना चाहिए तथा इसे करने से पहले और बाद में क्या करना चाहिए और क्या नहीं. इन बातों को अपनाने से योग का अधिक फायदा प्राप्त होता है। कुछ आवश्यक सावधानियों पर ध्यान देना आवश्यक है,लीजिये प्रस्तुत है इससे सम्बंधित  महत्वपूर्ण जानकारी - 
-- योगासन प्रात: काल शौच आदि से निवृत्त होने के बाद ही करना चाहिए। यदि स्नान करने के बाद योगासन किया जाये तो और भी अच्छा है, क्योंकि स्नान करने से हमारा शरीर हल्का-फुल्का और स्फुर्तियुक्त बन जाता है. 
-- संध्याकाल में भोजन करने से पहले योगासन करना चहिये. आसन करने की जगह समतल,स्वच्छ और शांत होना चहिये. जमीन पर मोटी दरी या कालीन आदि बिछाकर योगासन करना चहिये. 
-- अभ्यास करते समय घड़ी,चश्मा या आभूषण आदि न पहने. 
-- योगासन बलपूर्वक या झटके के साथ नहीं करें। इससे शरीर में तकलीफ हो सकती है।
-- आसन करते समय बातचीत न करें। यदि आसन एकाग्रता से किये जाएँ तो शारीरिक और मानसिक लाभ अधिक मिलते हैं।
-- योगासन करते समय कपड़े ढीले पहनने चहिये. 
-- मासिक धर्म,गर्भावस्था,जटिल रोगों,बुखार आदि के दौरान आसन न करें। या फिर किसी योग प्रशिक्षक से मार्गदर्शन अवश्य लें।
-- आसनों की संख्या और उनकी अवधि धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए। पहले ही दिन अधिक आसन कर डालने का प्रयास हानिकारक हो सकता है।
-- यदि आसन करते समय शरीर के किसी भाग में दर्द होता हो तो उस आसन का अभ्यास तुरंत बंद कर दें।
-- आसन करते समय यथासम्भव हल्का भोजन करना चाहिए, ताकि शरीर हल्का-फुल्का रहे।
-- योगासन करते समय शरीर को हवा का सीधा झोंका न लगे यह ध्यान रखना चाहिए। 
-- योगासन करते समय शरीर के किसी भी जोड़ को उसके कुदरती मोड़ के अनुसार ही मोड़ना चाहिए। कभी भी उल्टे  या तिरछे होने का प्रयत्न न करें।
-- योगासन के अभ्यास का क्रम का भी ध्यान अवश्य रखें पहले आसन फिर प्राणायाम और अंत में ध्यान करें।



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                            प्रतिवर्ष हम रावण को बुराइयों का प्रतीक मानकर जला देते हैं, मगर बुराइयां हैं कि साल दर दर और व्यापक होकर हमारे समक्ष आ खड़ी होती हैं। रावण के दस दसियों सिर फिर से जीवित हो भयंकरअट्टहास करने लगते हैं। आइए देखे आज के समय की दस बड़ी बुराइयां कौन सी हैं जो रावण की तरह सिर उठाए खड़ी हैं।
1. हिंसा
- हिंसा के सभी रूप, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष।
2. भ्रष्टाचार
- आज हमारे समाज की सबसे बड़ी बुराई या कहे भष्मासुर।
3. दिखावापन
- दिखावेपन की पतित प्रतिस्पर्धा।
4. नारी उत्पीड़न
- महिलाओं के प्रति अत्याचार और दुर्भावना।
5. अंधविश्वास
- विज्ञान की खूब तरक्की फिर भी अन्धविश्वास हावी।
6. बाजारवाद
- पर्व परम्परा सब पर बाजारवाद हावी।
7. स्वार्थपरता
- आज का इंसान अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी बुरे कर्म करने उतारू है।
8. पर्यावरणीय क्षति
- अपने निजी स्वार्थ और सुख सुविधाओं के लिए पर्यावरण का शोषण।
9. साम्प्रदायिकता
- आज देश इस कोयले की ढ़ेर पर बैठा है।
10. लालच
- जल्द से जल्द धनवान बनने की कुत्सित मनोवृत्ति।
                                  यदि सचमुच में हमें भारत को राम राज्य बनाना है तो हम सभी को मिलकर समाज में पनप रहे इन रावणीय सोच व विकारों को खत्म करने का गम्भीरता से प्रयास करना चाहिए।


5 BEST USEFUL ANDROID APP FOR YOU


वर्तमान समय ऐप का समय है। प्रतिदिन एक से बढ़कर एक ऐप हमारी जिंदगी को आसान, ज्ञानवान व सुरक्षित बनाने सामने आ रहे हैं, लेकिन इन ढ़ेरो ऐप में से काम की ऐप निकलना बड़ी टेढ़ी खीर है। आज आपके लिए ऐसे ही कुछ उपयोगी ऐप की जानकारी प्रस्तुत है। निश्चित रूप से यह आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

-- प्रैक्टो (Practo - Your Health app)  

इस ऐप की मदद से आप अपने एरिया में अपनी बीमारी के लिए बेस्ट डॉक्टर की सूची देख सकते हैं। इस ऐप की एक और खास बात है कि आप अपने फोन से ही डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।

-- वर्ल्ड एटलस (World Atlas)
यह ऐप मैप देखने के लिए सर्वश्रेष्ठ है। यहाँ पर 200 से अधिक देशों के बारे में ढ़ेर सारी जानकारी, ओलम्पिक्स, डेमोग्राफी, ज्योग्राफी, फ्लैग्स तथा क्विज उपलब्ध है।

-- ड्यूलिंगो (Duolingo) 

इस ऐप से आप मुफ्त में बहुत सारी भाषाएं सीख सकते हैं जैसे फ्रेंच, जर्मन, पुर्तगाली, स्पेनिश, इटालियन आदि।

-- पॉवर कैम (Power Cam) 

फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जबरदस्त ऐप है। इसमें दिए गये इफ़ेक्टस की मदद से आप फोटोज को अत्यंत आकर्षक बना सकते हैं।

-- सर्किल ऑफ़ 6 (Circle of 6) 

महिलाओं की सुरक्षा के लिए यह बहुत ही उपयोगी ऐप है। इसकी सहायता से आपातकाल में फंसी महिला अपने सर्किल के लोगों को आसानी से सूचित कर सकती है। यहाँ पर महिला हेल्पलाइन व इमरजेंसी नंबर भी उपलब्ध है।


                       आप सभी को हमारी संस्कृति और हम सभी के रोम रोम में व्याप्त, सर्वगुण सम्पन्न भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन की अशेष अनंत मंगलकामनाएं.....



कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि ॥
                    --  (श्रीमदभगवद्गीता -२.४७) 
अर्थ : तेरा कर्म करनेमें ही अधिकार है, उसके फलोंमें कभी नहीं । इसलिए तू कर्मों के फल हेतु मत हो तथा तेरी कर्म न करने में भी आसक्ति न हो ॥



                        बारिश के दिनों में मोबाइल फोन को पानी से बचाना मुश्किल काम है। कई बार अनजाने ही बारिश में बाइक चलाते या पैदल चलते समय यह गीला हो जाता है। दूसरी चीजों को सुखाना तो आसान है लेकिन मोबाइल के मामले में काफी सोचना पड़ता है। इसे सुखाना इतना आसान नहीं है। फिर भी नीचे दिए जा रहे टिप्स को अपनाकर गीले हुए मोबाइल को खराब होने से बचा सकते हैं -
-- यदि मोबाइल भीग जाए तो इसका स्विच बिल्कुल भी चालू न करे, हो सकता है स्विच ऑन करते ही शार्ट सर्किट हो जाए और फोन में कोई बड़ी खराबी आ जाए।
-- अगर भीगने के बाद मोबाइल चालू अवस्था में है तो इसे तुरंत बंद करें। ऐसा करके आप इसे खराब होने से बचा सकते हैं।
-- भीगे हुए फ़ोन का स्विच ऑफ करने के बाद इसके पीछे के कवर को खोलकर इसकी बैटरी, सिम, मेमोरी कार्ड बाहर निकाल लें और साफ सूती कपड़े से पोछ लें।
-- यदि फोन के ऊपरी भाग में गीलापन नजर आए तो इसे धीरे-धीरे टिशू पेपर से सुखा लें। ध्यान रहे टिशू पेपर से कहीं ज्यादा रगड़ न पहुचें।
-- एक महत्वपूर्ण बात यह है कि भीगे फोन को सुखाने के लिए कभी भी हेयर ड्रायर या माइक्रोवेव ओवन का उपयोग न करें। इनसे ओवरहीट होकर मोबाइल खराब हो सकता है।
-- फोन को पंखे के सामने या हवा में सुखाएं।
-- भीगे मोबाइल को सुखाने का एक अच्छा विकल्प है चावल। एक कटोरे में कच्चा चावल लेकर इसमें मोबाइल रखकर चावल से इसे पूरी तरह ढक दें। थोड़ी देर धूप में सुखाने से फोन के अंदर का पानी सूख जाएगा। इस तरीके से फोन धूप में खराब भी नहीं होगा।

एनएवी (NAV) यानि Net Asset Value नेट एसेट वैल्यू.


एनएवी से आप किसी म्यूचुअल फंड की ओर से जारी किए गये प्रत्येक यूनिट का किसी खास समय में कितना कीमत है यह पता लगा सकते हैं। साथ ही इसकी सहायता से आप अपने फंड का प्रदर्शन आंक सकते हैं।
NAV कुल संपत्ति का बाजार मूल्य तथा नकद शेष के योग में शेयरों की कुल संख्या से भाग देने पर मिलती है।

                   योग का अर्थ है जोड़। वैसे तो योग को अनेक परिभाषाओं से परिभाषित किया गया है। इसके कुछ आध्यात्मिक पहलू हैं तो कुछ मानसिक व शारीरिक। ज्यादा गहराई में न जाते हुए आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी के लिए प्रस्तुत हैं कुछ प्रभावी टिप्स, जिन्हें अपनाकर आप अपना शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अक्षुण्ण बनाए रख सकते हैं।
आइये इन 10 क्रियाओं का अपने जीवन में योग करें और सदा स्वस्थ रहने का द्वार खोलें।

1. सुबह जल्दी उठें - कभी आपने सूर्योदय के सूर्य को निहारा है, गुलाबी आकाश की सुंदरता को मन में उतारा है। पंछियों के कलरव में छुपी संगीत को सुना है। यदि नहीं तो ऐसा करें तन-मन में उमंग का संचार पहले दिन से ही होना शुरू हो जाएगा।
2. उषापान करें - रात को किसी तांबे के पात्र में पानी कुचालक स्थान पर रखें। सुबह अपनी क्षमतानुसार इस जल का सेवन करें। जल सेवन करते समय याद रखें अपना शरीर जमीन से स्पर्श न हो। 10 मिनट इस अवस्था में रहने के बाद यदि शौच लगे तो चले जाएं या थोड़ा टहलें। इस क्रिया के फायदे आपको एक हफ्ते में दिखने लगेगा। पेट संबंधी विकार जैसे गैस, एसीडीटी,कब्ज,सिरदर्द व मुंहासे आदि में आशातीत लाभ मिलने लगेगी।


3. प्रात: भ्रमण करें
 - जब सूर्योदय हो रहा हो तब प्रात: भ्रमण करें। साफ, स्वच्छ, पेड़ पौधों, फूलों से आच्छादित प्राकृतिक वातावरण में प्रात: भ्रमण करें। भ्रमण करते समय न किसी से बात करें न ही ध्यान कहीं और लगाएं। गहरी-गहरी सांस लेते हुए जल्दी जल्दी चलें। ध्यान सांसों के आने जाने पर लगायें। कल्पना करें वातावरण में व्याप्त दिव्य शक्ति का संचार मेरे तन मन में हो रहा है और दुर्विकारों का शमन हो रहा है। लाभ आप पहले ही दिन से अनुभव करना शुरू कर देंगे।


4. आहार में योग -  स्वास्थ्य के 3 स्तंभ बताये गये हैं - आहार, निद्रा और ब्रम्हचर्य। कहा गया है जैसा खाय अन्न वैसा होय मन। हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में आहार यानि खान पान का बहुत बड़ा योगदान है। हमेशा ताजा व सुपाच्य भोजन लें। दो भोजन के बीच में 6 घंटे का अंतराल जरुर दें। गरिष्ट व तेज मिर्च मसालेदार खाने से बचें। भोजन खूब चबा-चबा कर करें। एक बार बहुत ज्यादा आहार ग्रहण न करें। रात में हल्का भोजन लें। रात का भोजन सोने के 2 घंटे पहले कर लें।

5. जीवन में संगीत का योग करें - संगीत के बिना जीवन की कल्पना नीरस है। मधुर संगीत जहां हमारे तन-मन में नव उमंग व उल्लास का संचार कर देती है, वहीं शारीरिक व मानसिक रोगों में भी संगीत अत्यंत लाभप्रद है। दिन में जब भी समय मिले मधुर संगीत की स्वर लहरियों में अवश्य डूबें, निश्चित रूप से आप जीवन में उमंग उल्लास का संचार महसूस करेंगे।

6. नवीनता का योग करें - जग-जीवन परिवर्तनशील है, इस परिवर्तनशीलता में नवीनता सन्निहित है और नवीनता 
में जीवन की गति। परिवर्तन को सहजता से स्वीकारें। हमेशा कुछ नया करने को प्रयासरत रहें। याद रखें जो समय के साथ नहीं चलता उसकी स्थिति ठहरे हुए पानी के समान हो जाती है।

7. रचनात्मकता जोड़ें - जीवन में किसी न किसी प्रकार से अपनी रचनात्मकता को जरुर जोड़ें। हर व्यक्ति किसी न किसी रूप से रचनाकार जरुर होता है। लेखन, गायन, पेंटिंग, मूर्तिकला ऐसे न जाने कितने रचनात्मक कार्य हैं जो आपको संतुष्टि के साथ साथ स्वास्थ्य व आय का जरिया  प्रदान कर सकता है।

8. संघर्ष का योग - संघर्ष और सफलता का चोली-दामन का साथ है। हमें संघर्ष से जी चुराना नहीं चाहिए, प्रतिकूल परिस्थितियों से भागना नहीं चाहिए। हम जैसा संघर्ष करते हैं हमारी दशा, परिस्थितियाँ और भाग्य उसी के अनुसार बनते हैं। जीवन में संघर्ष का योग करें और देखें चमत्कार।

9. प्रकृति संग सामंजस्य का रिश्ता जोड़े - आप जितना प्रकृति के निकट होंगे हर दृष्टिकोण से अपने आप को स्वस्थ, संतुष्ट व सुखी पाएंगे। प्रकृति के सामीप्य में वो जादू है जो किसी धन दौलत से खरीदी नहीं जा सकती।

10. नींद का योग - आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में अनिद्रा बड़ी बीमारी बनकर उभरी है। अनिद्रा अपने साथ अनेक बीमारियाँ लेकर आती है। सुखद नींद के लिए रात में जल्दी सोने का आदत डालें। सोते समय समस्त चिंताओं को भूल जाएं। आज बिताए सुखद पलों को याद कर सोएं। सोने का स्थान कोलाहल मुक्त, शुद्ध हवादार व साफ सुथरी रखें। किसी आध्यात्मिक पुस्तक का अध्ययन कर बिस्तर में जाएं।




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-- अज्ञात व्यक्ति द्वारा बैंक अफसर बताकर लोगों से उनके ए टी एम कार्ड की जानकारी जैसे कार्ड नंबर, वैधता दिनांक एवं पिन नंबर आदि मांगी जाती है, ऐसी जानकारी कदापि न दें।
-- संदेह की स्थिति में तत्काल संबंधित बैंक की शाखा से संपर्क करें। यदि किसी को फोन अथवा ईमेल द्वारा एटीएम कार्ड का नंबर, वैधता दिनांक अथवा पिन नंबर बताया गया है तो तत्काल संबंधित बैंक को सूचित करें अथवा कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज करवाएं।
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बैंकिंग के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर के कॉल सेंटर तथा संबंधित बैंक के कॉल सेंटर का नम्बर हमेशा अपने पास रखें, जिससे जरूरत पर तत्काल संपर्क किया जा सके। बैंकिंग के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आने वाले सभी मैसेज को ध्यान से पढ़ें।




        

                विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। तंबाकू के दुष्परिणामों से पूरी दुनिया तथा इसका सेवन करने वाला भी वाकिफ है। विश्व में तंबाकू सेवन, मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। तंबाकू के सेवन से प्रतिवर्ष 50 लाख लोग काल कलवित हो जाते हैं। करीब 12 लाख लोग फेफड़े की कैंसर से मर जाते हैं। वर्तमान में 25 से 30 प्रतिशत कैंसर तंबाकू सेवन से होता है। यदि वर्तमान रुझान जारी रहा तो वर्ष 2025 तक विश्व भर में प्रतिवर्ष तंबाकू सेवन से मौत के मुंह में समाने वालों की संख्या 1 करोड़ पार कर जाएगी।
                             तंबाकू सेवन से कैंसर रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। आज फेफड़े के कैंसर में 90 प्रतिशत लोगों की मृत्यु का कारण तंबाकू ही है। इसके अलावा सभी तरह के कैंसर में 30 प्रतिशत व श्वसन रोग के 80 प्रतिशत मामलों का कारण भी तंबाकू है। हृदय रोग व रक्तचाप के 20 प्रतिशत मामलों में भी तंबाकू की भूमिका रहती है। मुंह के कैंसर के 90 प्रतिशत मामलों में भी तंबाकू चबाना प्रमुख कारण होता है। कैंसर के एक अन्य प्रकार ग्रीवा कैंसर भी अधिकांश प्रतिशत  देन तंबाकू की ही है।
                             तंबाकू के विज्ञापनों के माध्यम से पाबंदी और बच्चों को तंबाकू बेचने पर प्रतिबंध के बावजूद उसे बच्चों की पहुंच से बाहर नहीं रोका जा सका। आज भी लाखों बच्चे और किशोर पाउचों में मिलने वाले तंबाकू उत्पादों का सेवन कर रहे हैं। यदि बच्चों में तंबाकू सेवन की इस प्रवृत्ति को रोका नहीं गया तो आने वाले 15 वर्षों में मुख कैंसर से पीड़ितों में 30 वर्ष से कम उम्र के बच्चों व किशोरों की संख्या 30 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी।
                               हमारे देश में तंबाकू सेवन के अनेक रूप हैं जिनमें सिगरेट, बीड़ी, हुक्का के अलावा गुटखा, पान मसाला आदि के जरिए भी तंबाकू का सेवन किया जाता है। भारत में तंबाकू सेवन को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय किए गये हैं। कुछ राज्यों में धुम्रपान व तंबाकू से निर्मित पदार्थों के सेवन के संबंध में अलग-अलग कानून बनाए गये हैं। लेकिन तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचने के लिए केवल कानून प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर सकता है। इसके लिए आवश्यक है जन जागरूकता की। स्वयंसेवी संगठनों, अभिभावकों व समाज के प्रबुद्धजनों सभी का इस अभियान में शामिल होकर समाज को विशेषकर आने वाली पीढ़ी को इस धीमे जहर से बचाने में अपना अमूल्य सहयोग देना होगा।




10 GREAT TIPS FOR SUCCESS -

                       प्रस्तुत है आपके लिए सफलता के कुछ बेहतरीन टिप्स। इन्हें पढ़ें और अम्ल में लाएं, निश्चित रूप से यह आपके सफलता का मार्ग प्रशस्त करने में सहायक सिद्ध होगी।
1. अवसर Opportunity - 
आपको पहचानना है कि कब सही जगह और सही समय इकट्ठे होते हैं और उस मौके का फायदा उठाना है। अवसर अनगिनत है। आप बैठकर उनका इंतजार नहीं कर सकते।
-- एलेन मेटकाफ

2.निर्णय Decisions - 
कोई भी चीज पाने से पहले तय करें कि क्या वह जीवन के लिए जरूरी है। फिर सोचिए, आप क्या चाहते हैं।
-- बैन स्टेन

3. प्रयास Efforts - 
अगर आप कुछ पाना चाहते हैं, तो रास्ते में व्यवधान अवश्य आएंगे। लेकिन थमिए नहीं, न ही हिम्मत हारिए। यह तय कीजिए कि उसे कैसे हल किया जा सकता है।
-- माइकल जार्डन

4.विचार Ideas - 
अच्छे विचार खुद-ब-खुद अपनाए नहीं जाते। उन्हें साहसपूर्ण धैर्य के साथ जीवन में उतरना होता है।
-- हाइमैन रिकओवर

5. कर्म Work - 
अपने कार्यों के बारे में कायर और भीरु न बनें। पूरा जीवन एक प्रयोग है। आप जितने अधिक प्रयोग करेंगे, उतना ही बेहतर है।
-- राल्फ वाल्डो इमर्सन

6. प्रगति Progress - 
सारी प्रगति एक सर्वव्यापक आंतरिक इच्छा पर निर्भर है, जिसके कारण प्रत्येक जीव अपनी आमदनी से अधिक जीना चाहता है।
-- सैम्युअल बटलर

7. लक्ष्य Target -
आगे बढ़ें और कभी न रुकें, क्योंकि आगे बढ़ने में ही परिपक्वता है, राह में आने वाले काँटों से न डरें, क्योंकि वह भ्रष्ट हैं।
-- खलील जिब्रान

8. ईमानदारी Honesty -
कोई भी विरासत इतनी समृद्ध नहीं होती जितनी कि ईमानदारी।
-- विलियम शेक्सपियर

9. सीखना Learning -
शिक्षा यूं ही अवसर से हासिल नहीं होती, उसे शिद्दत से चाहना होता है और कठिन परिश्रम से उसमें जी लगाना होता है।
-- एबीगेल अडम्स

10. प्रेरणा Inspiration -
हम जानते हैं कि हम क्या हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि हम क्या हो सकते हैं।
-- शेक्सपियर





हमारे शरीर और स्वास्थ्य पर आहार-विहार के अलावा ऋतु और जलवायु का भी प्रभाव पड़ता है, इसलिए स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ऋतु और जलवायु के अनुकूल आहार-विहार करना अत्यंत आवश्यक है।
विशेष रूप से ग्रीष्म ऋतु में आहार-विहार पर खास ध्यान देना चाहिए। बिना आहार-विहार का ध्यान रखे ग्रीष्म ऋतु का सही आनंद नहीं उठाया जा सकता है क्योंकि आहार-विहार के असंतुलन से व्याधिग्रस्त होने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं। अत: गर्मियों में इन बातों का खासतौर से ध्यान रखें :
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गर्मियों में इस बात का सदैव ध्यान रखें कि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। इसके लिए थोड़े-थोड़े अंतराल पर शीतल जल ग्रहण करें। दिनभर में 10-12 गिलास पानी जरुर पीना चाहिए।
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आहार में सुपाच्य, ताजे, हल्के, रसीले और सादे पदार्थों का ही सेवन करना चाहिए। तले हुए, खट्टे, खटाईयुक्त, तेज मिर्च व मसालेदार, भारी और गर्म प्रकृति के पदार्थों का सेवन यदा-कदा और कम मात्रा में ही करना चाहिए। यदि इनका सेवन न करें तो और भी अच्छा रहेगा
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इस ऋतु में भूख सहन करना यानि देर से भोजन करना शरीर में दुर्बलता और कमजोरी लाने वाला होता है, इसलिए निश्चित समय पर अच्छी तरह चबा-चबाकर ही भोजन करना चाहिए।
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गर्मी के मौसमी फलों जैसे तरबूज,खरबूजा, खीर,ककड़ी, फालसा,संतरा,अंगूर तथा लीची आदि का सेवन अवश्य करें। ये फल शरीर को तरावट और शीतलता पहुँचाने में मददगार होंगे।
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नींबू की मीठी शिकंजी,कच्चे आम का पना,दूध पानी की मीठी लस्सी,पतला सत्तू,फलों का जूस,ग्लूकोज तथा शर्बत तरावट के लिए जरुर पिएं। बेल का शर्बत तथा ठंडाई आदि के सेवन से भी गर्मी से राहत मिलती है।
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सेहत की दृष्टि से सेब,बेल और आंवले का मुरब्बा, गुलकंद, आगरे का पेठा खाना लाभप्रद सिद्ध होता है।
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घर में पुदीन हरा, ग्लूकोज,इलेक्ट्रोल आदि जरुर रखें। दस्त आदि की दवाएं तथा फर्स्ट एड बॉक्स रखना भी जरूरी है।
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इस ऋतु में कुछ लोग सुबह देर तक सोते रहना पसंद करते हैं, जो शरीर , स्वास्थ्य और चेहरे की सुंदरता खास करके आंखों के लिए बहुत ही हानिकारक होता है। इसलिए सुबह देर तक सोये रहना और देर रात तक जागना कदापि उचित नहीं।



रसोई में काम करने वाली महिलाएं यदि कुछ स्मार्ट तरीके अपनाएं तो काम करना काफी आसान हो जाता है। साथ ही समय की बचत भी हो जाती है। प्रस्तुत है आपके लिए कुछ स्मार्ट रसोई टिप्स।
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बेलन को फ्रीज में रखकर ठंडा कर लें फिर रोटियां बेलें। आटा बेलन से चिपकेगा नहीं।
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कोई भी छौंक या तड़का लगाकर तुरंत थोड़ी देर के लिए ढंक दें। इससे सुगंध और स्वाद बरकरार रहता है।
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धनिया पत्ती या पोदीने की पत्तियों को सूखने से बचाना चाहती हैं तो इन पत्तियों को मशलिन के कपड़े में लपेटकर फ्रिज में रखें।
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कढ़ी बनाते समय आधा चम्मच पिसी राई डाल देने से कढ़ी खट्टी व स्वादिष्ट हो जाती है।
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यदि बादाम के छिलके निकलना हो तो 15 से 20 मिनट के लिए गरम पानी में भिगो दें। इससे बादाम का छिलका आसानी से निकल जाएगा।
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चाशनी बनाने से पहले बर्तन में थोड़ा मक्खन लगा देने से चाशनी साफ व पारदर्शी तैयार होगी।
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हरी मिर्च को लंबे समय तक चलाने के लिए फ्रिज में रखने से पहले हल्की भाप दें। इसके 1 से 2 घंटे बाद फ्रिज में रखें।
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पुराने आलुओं को उबालते समय पानी में थोड़ी सी चीनी डालने से स्वाद नया व अच्छा हो जाता है।
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ढोकला बनाते समय थोड़ी सी पिसी काली मिर्च बुरक दें स्वाद बढ़ जाएगा।
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कुछ दाने चीनी के डाल कर पकाने से हरे चने, हरे मटर आदि का रंग हरा ही बना रहता है।


इन दिनों ऑनलाइन शॉपिंग व बैंकिंग का चलन जोरों पर है। ऐसे में ऑनलाइन ठगी को लेकर ग्राहकों को सतर्क रहने की अत्यंत आवश्यकता है।
ऑनलाइन शॉपिंग एवं बैंकिंग में बरते सावधानी -
-- नियमित रूप से बदलते रहें पासवर्ड - नेट बैंकिंग उपयोगकर्ता को नियम से अपना पासवर्ड बदलते रहना चाहिए। साथ ही अपना लॉग इन आईडी व पासवर्ड किसी से शेयर नहीं करना चाहिए।
-- लाटरी या मुफ्त उपहार के जाल में न फंसे -
आए दिन मोबाइल पर मैसेज या ईमेल के माध्यम से इस तरह के ललचाने वाले मैसेज भेजे जाते हैं कि आपने इतने लाख या करोड़ जीत लिए हैं। इस तरह के संदेशों से आकर्षित न हों और न ही किसी प्रकार की फीस या सीमा शुल्क कहीं जमा करवाएं क्योंकि ये सब पूरी तरह फ्राड होते हैं।
-- स्पेम मेल खोलने से बचें -
अनजान ईमेल को कभी भी न खोलें क्योंकि यह आपकी गोपनीय जानकारी हासिल कर सकता है। या फिर वायरस भेजकर आपके सिस्टम को खराब कर सकता है। कुछ ईमेल में आपसे खाता की जानकारी और पासवर्ड मांगे जाते हैं, इसे लेकर जागरूक रहें।
-- सुरक्षित ब्राउज़िंग करें -
ऑनलाइन लेनदेन में ब्राउज़र में सुरक्षित आइकॉन देखें, जैसे एचटीटीपीएस, यहां एस का मतलब सेफ है। यदि अपने खाते से कोई भी संदिग्ध लेनदेन पता चले तो तत्काल अपने बैंक से संपर्क साधें।
-- साइबर कैफे में रखें विशेष सावधानी -
कभी भी साइबर कैफे या किसी बाहरी कम्प्यूटर से अपने इंटरनेट बैंकिंग खाते को संचालित करने से बचना चाहिए। यदि कभी करना भी पड़े तो काम हो जाने के बाद लॉगआउट अवश्य करें तथा कम्प्यूटर की कैश मेमोरी खाली कर दें।
-- एंटी वायरस का इस्तेमाल करें -
ऑनलाइन शॉपिंग एवं नेट बैंकिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले अपने सिस्टम जैसे लेपटॉप, मोबाइल, टेबलेट में एंटी वायरस इंस्टाल करें और इसे नियमित रूप से अपडेट करते रहें। इससे डाटा भी सुरक्षित रहेगा।


अपने स्मार्टफोन में अच्छे बैटरी बैकअप Battery Backup की चाहत भला किसे नहीं होती। आखिर कैसे बढाई जाए बैटरी बैकअप। 
प्रस्तुत है कुछ छोटे-छोटे टिप्स जिसकी मदद से आप अपने फोन का बैटरी बैकअप बढ़ा सकते हैं। इसके लिए कोई भी एप्लीकेशन इंस्टाल करने की आवश्यकता नहीं है।

-- फोन में ब्लूटूथ Bluetooth, वाईफाई Wi-Fi, जीपीएस GPS, हॉट स्पॉट HotSpot का स्विच जरूरत नहीं होने पर बंद करके रखें।
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स्क्रीन ऑटो ऑफ़ अपनी सहूलियत के हिसाब से सेट करके रखें।
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स्मार्टफोन का ब्राइटनेस Brightness कम करके रखें, या ब्राइटनेस लेवल को ऑटो मोड़ में सेट करें। क्योंकि अधिकतम बैटरी खपत स्क्रीन में ही होती है।
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आवश्यकता नहीं हो तो 3G सर्विस के बजाय 2G सर्विस का प्रयोग करें, क्योंकि 3G सर्विस के मुकाबले 2G में बैटरी खपत कम होती है।
-- जिस जगह में नेटवर्क बहुत कम मिल रहा हो वहां फोन को एयरप्लेन मोड़ Airplane Mode में एक्टिवेट करके रखें।
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कीपैड टोन Keypad Tone को बंद करके रखें, साथ ही वाइब्रेशन मोड भी बंद करके रखें यदि जरूरत नहीं है तो।
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हम अक्सर बैक ग्राउंड में चल रहे एप्लीकेशंस को बंद करना भूल जाते हैं जो बैटरी खपत बढ़ा देती है। इसलिए इसे बंद कर दें।
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अनावश्यक नोटिफिकेशंस बैटरी डिस्चार्ज करता है इसलिए जरूरत हो उन्हीं नोटिफिकेशंस को चालू करके रखें।



कम्प्यूटर बार-बार हैंग हो रहा हो तो...
-- कम्प्यूटर का अर्थिंग चेक करें। यदि अर्थिंग नहीं मिल रहा हो तो ठीक कराएं।
-- चेक करें RAM चिप ठीक काम कर रहा है या नहीं, यदि नहीं तो इसे चेंज कर दें।
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कम्प्यूटर में हमेशा एक विश्वसनीय एंटीवायरस Antivirus इंस्टाल करके रखें।
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कम्प्यूटर  हैंग हो गया हो तो -
SHIFT CTRL ESC बटन दबाएं।
अब 'END TASK' पर क्लिक करें। 
कम्प्यूटर चलना शुरू हो जाएगा।
 


                                     आज प्राकृतिक परिवेश में बहने वाली नदियों का जल जिस स्तर तक प्रदूषित हो चुकी है, इस स्थिति में विश्वव्यापी उस चेतावनी को हकीकत समझें कि 21 वीं सदी का सबसे गंभीर संकट " जल संकट" होने वाला है। ' जल ही जीवन है' केवल नारा नहीं, एक सत्य है। आज भी परग्रही जीवन की तलाश की जाती है तो सबसे पहले जीवन के लिए अनिवार्य 'जल' के संकेत ढूंढ़े जाते हैं।
                                     हमारी धरती पर भी मानव सभ्यता का विकास नदियों के किनारे-किनारे हुआ है। लेकिन सभ्यता के विकास के साथ साथ आज ऐसा लगता है कि यह विकास विनाश की दिशा पर चल पड़ा है। आज देश की अधिकांश नदियों की दुर्दशा देखकर कोई भी बुजुर्ग बरबस कह उठेगा, हमारे जमाने में यह नदी ऐसी तो नहीं थी। दिसंबर- जनवरी से पहले ही जलधाराओं का सूखना एवं शेष जल का प्रदूषित हो जाना, यदि यही विकास है तो हमें अपनी गतिविधियों पर पुनर्विचार करना होगा। वनों के बेतहाशा विनाश के चलते पत्थर टूट-टूटकर रेत बन नदियों में समाते गये जिससे उनमें उथलापन आ गया।
                                         बांध एक आवश्यकता है लेकिन नदी में प्रवाह रहना भी जरूरी है। इस सत्य को समझते हुए दोनों के बीच समन्वय वाली जलनीति बनाने की कोशिश की जानी चाहिए। जीवनदायिनी नदियों को स्वयं बर्बाद करने पर तुले लोगों को रोकने के लिए शासकीय प्रयासों के अलावा जनजागरण अत्यंत आवश्यक है अन्यथा इस सदी के सबसे बड़े संकट का सामना करने के लिए हमें तैयार रहना होगा।


21 साल की उम्र में मिलेगा जमा राशि का लाभ
                                      भारत सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढाओ कार्यक्रम के तहत सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की है। जिसमें कोई भी व्यक्ति बेटी के जन्म लेने पर उसके नाम पर पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवा सकता है। चौदह साल तक राशि जमा करने के बाद 21 वें साल पूरी राशि को ब्याज सहित निकाल सकते हैं। इसके लिए उसे प्रतिमाह न्यूनतम 1 हजार रुपए बेटी के खाते में जमा करना होगा। यह प्रक्रिया उसे 14 साल तक अपनानी होगी। जिसके बाद 15वें साल से 21 साल तक खाते में कोई भी राशि जमा नहीं करना पड़ेगा। 21 साल पूरे होते ही खाता मैच्योर हो जाएगा और खाते में जमा कुल राशि पर 9.1 प्रतिशत सालाना दर से 21 साल का ब्याज सरकार देगी।

होली विशे HOLI ARTICAL : हीं रं दे रं

                      उमंग-उल्लास के पावन पर्व होली में मौज-मस्ती करने का अपना अलग ही मजा होता है। इस दिन हम सभी रंगों का जमकर इस्तेमाल करते हैं। लेकिन होली के ये रं-बिरंगे रंग आधुनिकता और कृत्रिमता के चलते मिलावटी हो गये हैं। ये रंग स्वास्थ्य के लिए घातक भी हो सकते हैं। ऐसे में होली के अवसर पर रं खेलते समय सावधानी रखना अत्यंत आवश्यक है।
                                     होली के रंगों में अधिकांशतया पाउडर या सूखे
रंएस्बेस्टस टाल्क, चॉक पावडर या सिलिका से बने होते हैं। इन रंगों में चमक लाने के लिए ग्लास या माईका पावडर मिलाया जाता है। गुलाल व रंगों के रासायनिक विश्लेषण में पाया गया है कि इनमें ऐसे हानिकारक रसायन व धातुएं मौजूद होती हैं जिनसे त्वचा व श्वास की एलर्जी तथा अन्य बीमारियां हो सकती हैं। गुलाल को मुख्यत: स्टार्च, अभ्रक, डेक्सट्रिन,सोपस्टोन और साधारण रंआदि मिलाकर बनाया जाता है। साधारणत: ऐसे मिश्रण का शरीर पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन जहरीली प्रकृति के रसायन के इस्तेमाल से त्वचा व श्वास प्रक्रिया पर घातक प्रभाव पड़ता है।
                                      सामान्यत: बाजार में तीन प्रकार के
रं उपलब्ध होते हैं - पेंट्स, ड्राई पाउडर और वाटर कलर्स। पेंट्स में लेड ऑक्साइड, कॉपर सल्फेट, एल्युमीनियम क्रोमाइड और मरक्यूरी जैसे जहरीले पदार्थ होने की वजह से त्वचा की एलर्जी व अस्थायी रूप से अंधत्व हो सकता है। ड्राई कलर्स में मौजूद केमिकल गुर्दे, लीवर, हड्डियां और सारी उपापचयात्मक प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। रंगों में मिलाए जाने वाले अलग-अलग धातुओं में सबसे ज्यादा खतरा लेड (सीसा) से होता है, जो हमारे तंत्रिका तंत्र, गुर्दों और प्रजनन तंत्र पर दुष्प्रभाव डालते हैं।
                                       एक सर्वेक्षण के मुताबिक होली के अवसर पर बिकने वाले
रंगों में अधिकतर मिलावटी होते हैं, जिससे आंखों में जलन व कम दिखाई देना, चेहरे की त्वचा पर रूखापन, सिरदर्द, रक्त विषाक्तता आदि का खतरा रहता है। ये रंबच्चों व महिलाओं के लिए अधिक नुकसानदायक होते हैं, क्योंकि उनकी त्वचा अधिक संवेदनशील होती है। संवेदनशील त्वचा पर रंगों के कारण पहले सूखापन आता है फिर बाद में संक्रमण के कारण इरिटंट डर्मेटाइटिस रोग हो जाता है।
                                        होली के
रं खरीदते समय विशेष सावधानी रखें। होली खेलते समय शरीर के संवेदनशील अंगों जैसे आंखों को हमेशा बचाकर रखें। रंगों से स्कीन एलर्जी हो गया हो तो डॉक्टर को दिखाएं।रं ब्रांडेड व आइ एस आइ ट्रेडमार्क देखकर ही खरीदें। सस्ते रंन खरीदें ये मिलावटी हो सकते हैं। याद रखें होली के रंगों से जुडी किसी भी समस्या का बाद में सामना करने से अच्छा है सावधानी। बेहतर यही है कि रासायनिक तत्वों से बने इन रंगों की बजाय प्राकृतिक चीजों से बने रंगों का प्रयोग किया जाए।

आप सभी मित्रों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभ कामनाएं।
भगवान भोलेनाथ आप सभी का कल्याण करें एवं सारी मनोकामनाएं पूर्ण करें।
हर हर महादेव।
जय भोलेनाथ।
ॐ नम: शिवाय।
" अकाल मौत वो मरे जो कर्म करे चांडाल का।
काल उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का।।"

HAPPY MAHASHIVRATRI TO ALL MY FRIENDS.

                                      प्रेम ! अनुभूति मात्र से ही हृदय के तार झंकृत हो उठते हैं। प्रेम के बारे में जितना कहा-सुना या पढ़ा-लिखा जाए कम ही रहेगा। इसे न तो किसी पैमाने में मापा जा सकता है और न ही किसी परिभाषा में बांधा जा सकता है। कबीर साहेब ने प्रेम को बड़े ही सुंदर ढंग से परिभाषित किया है - ' घड़ी चढ़े, घड़ी उतरे, वह तो प्रेम न होय, अघट प्रेम ही हृदय बसे, प्रेम कहिये सोय।' सचमुच सच्चा प्रेम न तो पल में बढ़ता और न पल में कम होता है।
                                       वर्तमान में देखे तो प्रेम की जगह अब ईर्ष्या, स्वार्थ ने ले ली है। आज प्रेम के नाम पर 'जिस्म' को ही सब कुछ मान लिया गया है। अब कसमें-वादे निभाने के लिए नहीं बल्कि तोड़ने के लिए खाए जा रहे हैं। कवि नरेश मेहता की कविता याद आती है - 'प्रेम अब फूल नहीं फूल के चित्र जैसा हो गया है।' प्रेम में न तो अब वो विरह बची है, न वो मधुर अनुभूति, न सादगी, न कोमलता और न ही त्याग-समर्पण। बचा है तो प्रतिस्पर्धा और तन-मन पर हावी बाजार।
                                       प्रेम उपासना है, वासना नहीं। उपासना प्रेम की दिव्य अनुभूति है और वासना शरीर की तृष्णा। प्रेम में देना ही देना है ,पाना कुछ भी नहीं। जो लोग प्रेम शरीर के स्तर पर करते हैं उन्हें प्रेम की दिव्य अनुभूति कभी नहीं हो सकती, उनके लिए क्षणिक शारीरिक आनंद ही सब कुछ है। आज स्त्री-पुरुष का आकर्षण ही प्रेम की परिभाषा बनकर रह गया है, और आकर्षण भी ऐसा आक्रामकता से भरा हुआ। आज के युवा प्रेम निवेदन के बजाय प्रेम अतिक्रमण पर उतारू हैं। कानफोड़ू और चीखते-चिल्लाते द्विअर्थी  गानों पर वे ऐसे नाचते-झूमते हैं मानों वे ही प्रेम के सच्चे प्रचारक हैं।                                        विगत कुछ वर्षों में बाजारवाद की आंधी और पाश्चात्य संस्कृति ने अपनी पकड़ ऐसी मजबूत बनाई है जिसने प्रेम की परिभाषा ही बदलकर रख दी है। आज प्रेम जैसी आदर्श भावना पर बाजारवाद व राजनीति हावी है। प्रेम एक-दिनी या चंद घंटे का होकर बनावटी व हिंसक हो गया है। क्या प्रेम को समय सीमा में बांधा जा सकता है? कदापि नहीं ! क्योंकि प्रेम तो नियमित जीवन में घटने वाली महान घटना है।
                                        भारत युवाओं का देश है। युवा यानि भावनाओं से भरा हुआ। इसी भावना का लाभ आज बहुराष्ट्रीय कम्पनियां खूब उठा रही हैं। इनके जाल में उलझकर युवा प्रेम का अर्थ महज उपहारों का आदान-प्रदान, इंटरनेट, धमा-चौकड़ी और शोर-शराबे को समझ लिया है। जिस प्रेम को ये कंपनियां दिवसों के रूप में बांधकर अपना व्यवसाय दिनोंदिन बढ़ाते जा रहे हैं, उस प्रेम का निर्झर तो हमारे यहां सदियों से प्रतिपल प्रवाहमान है। प्रेम जैसे सुंदर अहसास को जिस तरह से वासना, सेक्स और अश्लील हरकतों से कलंकित किया जा रहा है वह घोर निंदनीय है।
                                         प्रेम करें, लेकिन वह हमारी संस्कृति और सभ्यता के अनुरूप हो। प्रेम में दुर्भावों की जगह आत्मीय भाव हो, उच्छ्रिन्ख्लता की जगह स्वतंत्रता हो। आज आवश्यकता है प्रेम को सच्चे अर्थों में समझकर इसकी पवित्रता बनाए रखने की, प्रेम की शाश्वत भावनावों और संज्ञाओं को अक्षुण्ण रखने की, ताकि लोगों का प्रेम के प्रति श्रद्धा एवं विश्वास युगों-युगों तक अटूट, अमिट बना रहे।



सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से जुड़े स्टूडेंट्स को अब माइक्रोसॉफ्ट मुफ्त में ट्रेनिंग देगी। कंपनी सौ से अधिक कोर्स ऑनलाइन कराने की सुविधा देगी, जिससे अधिक से अधिक स्टूडेंट्स क्लाउड कंप्यूटर से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सके।
यह कोर्स अंग्रेजी के साथ ही अन्य भाषाओं में भी कर सकते हैं।

इनमें मोबाइल एप और वेब डवलप की ट्रेनिंग भी शामिल की गई है। माइक्रोसॉफ्ट इन कोर्स के लिए
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