Halloween party ideas 2015

आज हम यह जानें स्वतंत्रता की कीमत अनवरत एवं निरंतर जागरूकता है। लोकतांत्रिक दृष्टीकोण,आपसी भाई चारा,शांति,प्रेम व समर्पण की भावना ने हमारी सभ्यता को चिरस्थायी एवं गौरवशाली बनाया है। आज हम उन शहीदों को याद करें जिनके जर्रे जर्रे से देश भक्ति की भावना की खुशबू बिखरती है और प्रण लें कि उनके रक्त से सिंचित आजादी के पौधे को सदैव हरा भरा रखेंगे।

"वतन हमारा मिशाल मोहब्बत की 
तोड़ता है दीवार नफरत की,
मेरी खुशनसीबी मिली जिंदगी इस चमन में
भूला ना सके कोई इसकी खुशबू सातों जनम में।"

"आप सभी को 65 वीं गणतंत्र दिवस की ढ़ेरों मंगल कामनाएं."
HAPPY REPUBLIC DAY.


(दैनिक भास्कर समाचार पत्र में प्रकाशित यह महत्वपूर्ण जानकारी जन लाभार्थ व जागरूकता फैलाने हेतु प्रस्तुत है। आप भी यह जानकारी अधिक से अधिक लोगों में फैलायें।)

अगर आपके पास रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन है तो आपको मुफ्त इंश्योरेंस का लाभ भी मिलता है। आपको शायद यकीन न आये लेकिन यह सच है की कनेक्शन लेने के साथ ही आपका बीमा हो जाता है। कंपनी के अलावा डिस्ट्रीब्यूटर को भी हर उपभोक्ता का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करवाना पड़ता है।
सिलेंडर से दुर्घटना होने पर प्रति व्यक्ति 10 लाख रूपये तक क्लेम मिल सकता है। सामूहिक दुर्घटना होने की स्थिति में क्लेम की राशि 50 लाख रूपये तक हो सकती है।
हालांकि जानकारी के अभाव में लोग इसका फायदा नहीं उठा पाते हैं। और न ही गैस कंपनी इसकी जानकारी आम करती है।
सूचना अधिकार मंच की आर टी आई पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है।
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की इस पालिसी का नाम पब्लिक लाइबिलिटी पालिसी है। इसकी प्रति हिन्दुस्तान पेट्रोलियम की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
तीनों सरकारी तेल कम्पनियों इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने संयुक्त रूप से यह पालिसी 2 मई 2013 से 1मई 2014 तक के लिए ली हुई है।
मुआवजे के लिए क्या करना होगा-
-- गैस सिलेंडर हादसा होने पर उपभोक्ता को सम्बंधित पुलिस थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए।
-- पुलिस रिपोर्ट, बीमा पालिसी की कॉपी के साथ नुकसान का विस्तृत ब्यौरा 14 दिन के भीतर इंश्योरेंस कंपनी के नजदीक के ऑफिस में देना होगा।
कितना मुआवजा-
-- सिलेंडर हादसे में पूरी तरह अक्षम होने पर - बीमित राशि का 100 फीसदी।
-- दोनों कान से सुनने की शक्ति खत्म होने पर - बीमित राशि का 50 फीसदी।
-- एक हाथ का अंगूठा और चारों उंगलियाँ खोने पर - बीमित राशि का 40 फीसदी।
-- अस्पताल में भर्ती होने पर इलाज का खर्च - एक लाख (अधिकतम).